नई दिल्ली। शेयर बाजार में इन दिनों Ola Electric ने जबरदस्त हलचल मचा दी है। लंबे समय तक गिरावट झेलने के बाद कंपनी का शेयर अचानक रफ्तार पकड़ चुका है। महज 40 दिनों में इसने निवेशकों का पैसा लगभग दोगुना कर दिया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है—क्या यह तेजी आगे भी जारी रहेगी या अब ब्रेक लगेगा?
40 दिन में 93% उछाल, निवेशकों की चांदी
मार्च की शुरुआत में कंपनी का शेयर अपने 52 हफ्ते के सबसे निचले स्तर 21.21 रुपये पर था। लेकिन इसके बाद जो रैली शुरू हुई, उसने सभी को चौंका दिया। शुक्रवार को यह शेयर 12.55% की तेजी के साथ 40.90 रुपये पर बंद हुआ। इसका मतलब है कि करीब 40 दिनों में शेयर ने 93% की छलांग लगाई। अगर किसी निवेशक ने 2 मार्च को एक लाख रुपये लगाए होते, तो आज उसकी रकम लगभग दोगुनी हो चुकी होती।
कंपनी के फैसलों ने भरी ‘एनर्जी’
इस तेजी के पीछे कंपनी के कुछ बड़े और ठोस फैसले हैं, जिन्होंने निवेशकों का भरोसा दोबारा जगाया। सबसे अहम घोषणा 7 अप्रैल को हुई, जब कंपनी ने बताया कि उसका LFP (लिथियम आयरन फॉस्फेट) बैटरी सेल अब उत्पादन के लिए तैयार है। नया 46100 फॉर्मेट वाला यह बैटरी सेल ज्यादा क्षमता, कम लागत और लंबी उम्र देने में सक्षम है। यह कदम कंपनी के भविष्य के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है, क्योंकि EV सेक्टर में बैटरी टेक्नोलॉजी ही सबसे बड़ी ताकत होती है।
सरकारी सपोर्ट से बढ़ा भरोसा
कंपनी को 3 अप्रैल को Roadster X+ 4.5 kWh वेरिएंट के लिए PLI (Production Linked Incentive) स्कीम के तहत सर्टिफिकेशन मिला। इससे कंपनी को सरकारी प्रोत्साहन मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कंपनी के मार्जिन और मुनाफे में सुधार हो सकता है, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है।
सेल्स में उछाल, मांग में तेजी
फरवरी के मुकाबले मार्च में कंपनी की बिक्री में जबरदस्त सुधार देखा गया। मार्च में वाहन रजिस्ट्रेशन 3,973 से बढ़कर 10,117 यूनिट हो गए। इतना ही नहीं, मार्च के अंत में कंपनी को रोजाना 1000 से ज्यादा ऑर्डर मिलने लगे। यह संकेत है कि बाजार में ओला के प्रोडक्ट्स की मांग फिर से बढ़ रही है।
सर्विस सुधार से बदली छवि
एक समय पर सर्विस और क्वालिटी को लेकर कंपनी की काफी आलोचना हुई थी। लेकिन अब कंपनी ने इस मोर्चे पर बड़ा सुधार किया है। कंपनी का दावा है कि अब 80% वाहनों की सर्विस उसी दिन कर दी जाती है। इसके अलावा ग्राहकों को सर्विस गारंटी, देरी होने पर मुफ्त कैब राइड और बायबैक जैसे ऑफर दिए जा रहे हैं। इन कदमों ने ग्राहकों के साथ-साथ निवेशकों का भरोसा भी वापस दिलाया है।
फिर भी IPO प्राइस से नीचे
दिलचस्प बात यह है कि इतनी तेजी के बावजूद शेयर अभी भी अपने IPO प्राइस से नीचे है। कंपनी का IPO अगस्त 2024 में 76 रुपये के इश्यू प्राइस पर आया था। लिस्टिंग के बाद यह 146 रुपये तक पहुंचा, लेकिन फिर गिरावट का दौर शुरू हो गया। अब भी मौजूदा कीमत उस स्तर से काफी नीचे है, जिससे निवेशकों के मन में सवाल बना हुआ है।
पहले क्यों टूटा था भरोसा?
ओला के शेयर में गिरावट के पीछे कई कारण थे। सर्विस समस्याएं, प्रोडक्ट क्वालिटी को लेकर शिकायतें और मार्केट शेयर में गिरावट ने निवेशकों को चिंतित किया। इसके अलावा कंपनी ने अपने रिटेल विस्तार प्लान को भी घटा दिया। पहले जहां 4000 स्टोर का लक्ष्य था, उसे घटाकर करीब 550 स्टोर कर दिया गया। इन सभी वजहों से शेयर में भारी गिरावट आई थी।
क्या अब भी रहेगा ‘बुल रन’?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह तेजी आगे भी जारी रहेगी? मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक, फिलहाल शेयर ‘ओवरबॉट जोन’ में पहुंच चुका है। इसका मतलब है कि तेजी के बाद थोड़ी गिरावट या कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है। हालांकि, अगर कंपनी अपने प्रोडक्ट, सेल्स और टेक्नोलॉजी पर इसी तरह फोकस बनाए रखती है, तो लंबी अवधि में इसमें और ग्रोथ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
यह रैली बताती है कि सही समय पर लिया गया फैसला कितना बड़ा फायदा दे सकता है। लेकिन एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि सिर्फ तेजी देखकर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स, मार्केट ट्रेंड और रिस्क फैक्टर्स को जरूर समझना चाहिए।