bareillyकार्यक्रम के दौरान मौजूद कांग्रेसी नेता।

बरेली। विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को धार देने में जुटी कांग्रेस ने बरेली से भाजपा और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। सोमवार को स्टेशन रोड स्थित एक होटल में आयोजित यूथ कांग्रेस की कार्यशाला में राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने उन्हें भाजपा कार्यकर्ता तक करार देते हुए कहा कि चुनाव आयोग अब निष्पक्ष संस्था की तरह काम नहीं कर रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग इससे जुड़े आरोपों को खारिज करते हुए कह चुका है कि आयोग के भीतर अलग-अलग विचार निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं और उसके प्रमुख फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

वोट चोरी से आगे बढ़कर वोट डकैती कर रही भाजपा

कार्यशाला में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिलों से पहुंचे यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कुणाल चौधरी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अब “वोट चोरी” से आगे बढ़कर “वोट डकैती” कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पर सवाल उठने पर जवाब आयोग के बजाय भाजपा नेताओं की ओर से दिए जा रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया।

10 महीने में 14 आपत्तियों का मुद्दा उठाया

कुणाल चौधरी ने चुनाव आयोग के अंदर फैसलों को लेकर सामने आई आपत्तियों का मुद्दा भी उठाया। हालिया मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में कम से कम 14 मौकों पर आयोग के विभिन्न फैसलों और प्रक्रियाओं पर लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं। इनमें मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने, फॉर्म-6 और मतदाता डेटाबेस तक पहुंच जैसे विषय शामिल थे। एक मामले में प्रक्रिया को “unauthorised and illegal” भी कहा गया था। हालांकि चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों पर सफाई देते हुए कहा है कि किसी संस्था में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयोग का कहना है कि केवल चुनिंदा आंतरिक टिप्पणियों के आधार पर पूरी निर्णय प्रक्रिया को देखना तस्वीर का एक हिस्सा भर है।

बंगाल की मतदाता सूची को लेकर भी लगाए आरोप

कांग्रेस नेता ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का जिक्र करते हुए बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि बाद में न्यायिक हस्तक्षेप के बाद नाम वापस जोड़े गए। चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि मतदाता सूची से जुड़े फैसलों और डेटा का नियंत्रण स्थानीय अधिकारियों के बजाय दिल्ली में केंद्रीकृत किया जा रहा है। मतदाता डेटाबेस के केंद्रीकरण को लेकर चुनाव आयोग के भीतर आपत्तियां दर्ज होने की बात मीडिया रिपोर्टों में सामने आई है, लेकिन कांग्रेस नेता के “दिल्ली भाजपा कार्यालय से तय होने” वाले आरोप की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं होती।

कार्यकर्ताओं को विधानसभा चुनाव के लिए जुटने का संदेश

कार्यशाला का मुख्य फोकस आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर यूथ कांग्रेस की संगठनात्मक तैयारियों पर रहा। कुणाल चौधरी ने पश्चिमी यूपी के पदाधिकारियों से बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने, मतदाता सूची पर नजर रखने और युवाओं को संगठन से जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता चुनावी प्रक्रिया और राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर रख रही है और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर अपनी मौजूदगी मजबूत करनी होगी।

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