बरेली। जमीन किसी और महिला की थी और बैनामा कराने के लिए उसकी जगह दूसरी महिला को खड़ा कर दिया गया। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर ग्राम जगतीरा की 0.885 हेक्टेयर कृषि भूमि का बैनामा करा लिया। फर्जीवाड़ा खुलने के बाद दर्ज मुकदमे में करीब ढाई साल से चल रही जांच के बीच आंवला पुलिस ने बदायूं के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूरा मामला आंवला क्षेत्र के ग्राम जगतीरा का है। पीड़ित महिला का आरोप है कि उसकी 0.885 हेक्टेयर जमीन हथियाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। आरोपियों ने बैनामा कराते समय जमीन की असली मालिक की जगह किसी दूसरी महिला की शिनाख्त करा दी और जमीन का बैनामा करा लिया। जमीन के साथ हुए इस कथित फर्जीवाड़े का पता चलने पर महिला ने 6 मार्च 2024 को आंवला पुलिस से शिकायत की। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी थी।
गिरफ्तारी के लिए चलता रहा पुलिस का शिकंजा
केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने बैनामे और उससे जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल शुरू की। विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही थी। पुलिस का दावा है कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे। बुधवार को आंवला पुलिस को सूचना मिली कि मुकदमे में वांछित दो आरोपी अपने घर पर मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस टीम बदायूं के उघैती थाना क्षेत्र स्थित ग्राम करणपुर पहुंची और घर पर दबिश दी। पुलिस ने मौके से दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
कोर्ट में पेश करने के बाद जेल गए आरोपी
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रमोद कुमार पुत्र रामकेश सिंह (51) और सुरेश चन्द्र शर्मा पुत्र स्व. भीमसैन शर्मा (69) के रूप में की है। दोनों ग्राम करणपुर, थाना उघैती, बदायूं के रहने वाले हैं। पुलिस ने बुधवार सुबह करीब 11:10 बजे दोनों की गिरफ्तारी दिखाई और कानूनी कार्रवाई के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक शुभम कुमार, कांस्टेबल मनसुख और महिला कांस्टेबल रीतू शामिल रहीं। मामले में पुलिस की विवेचना जारी है। अब जांच का अहम बिंदु यह भी है कि असली जमीन मालिक की जगह दूसरी महिला की पहचान किस तरह कराई गई और कथित फर्जी बैनामे की पूरी प्रक्रिया में किस-किस की भूमिका रही।