bareillyसनराइज अस्पताल और पीड़ित हरीश।

बरेली। सौ फुटा रोड स्थित सनराइज अस्पताल एक बार फिर मरीज के इलाज और रुपयों को लेकर हुए विवाद से सुर्खियों में है। बहेड़ी से सड़क हादसे में घायल दंपति को यहां भर्ती कराने के बाद परिजनों ने दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही तो मामला बिगड़ गया। आरोप है कि अस्पताल के मैनेजर ने पहले 50 हजार रुपये मांगे और फिर 41 हजार रुपये दिए बिना मरीजों को छुट्टी नहीं देने की बात कही। कहासुनी बढ़ी तो परिजनों ने डायल-112 बुला ली। इसके बाद विवाद अस्पताल से निकलकर इज्जतनगर थाने तक पहुंच गया।

बहेड़ी के ग्राम तियूला निवासी हरीश के मुताबिक उनकी बहन सावित्री और बहनोई सोमपाल शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे नदी पुलिया गुडवारा के पास सड़क हादसे में घायल हो गए। हादसे के बाद पहुंची एंबुलेंस दोनों को लेकर बहेड़ी से सीधे पीलीभीत बाईपास के सौ फुटा रोड स्थित सनराइज अस्पताल पहुंच गई। हरीश का आरोप है कि एंबुलेंस चालक की ओर से ही बाद में परिवार को घायलों के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे। यहां उन्हें बताया गया कि फ्रैक्चर होने के चलते मरीज को आईसीयू में भर्ती किया गया है।

दूसरे अस्पताल ले जाने की कही बात तो शुरू हुआ विवाद

परिजनों का कहना है कि उन्होंने सावित्री और सोमपाल को सनराइज अस्पताल से छुट्टी दिलाकर दूसरे अस्पताल में इलाज कराने का फैसला किया। हरीश ने जैसे ही मरीजों को डिस्चार्ज करने की बात कही, अस्पताल के बिल को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। हरीश का आरोप है कि मैनेजर सोहिल खान ने मरीजों को ले जाने से पहले 50 हजार रुपये जमा करने को कहा। विरोध करने पर मामला और गर्मा गया। आरोप है कि इस दौरान गाली-गलौज हुई और उन्हें धमकाया भी गया।

41 हजार दो, तभी मरीज जाएगा, परिजनों का आरोप

हरीश के मुताबिक विवाद के दौरान उनसे कहा गया कि 41 हजार रुपये जमा किए बिना मरीजों की छुट्टी नहीं होगी। इतनी रकम मांगे जाने पर परिजन भड़क गए। देखते ही देखते अस्पताल में हंगामे की स्थिति बन गई। बात नहीं बनी तो हरीश ने डायल-112 पर फोन कर पुलिस को बुला लिया। पुलिस के पहुंचने के बाद भी विवाद खत्म नहीं हुआ और आखिरकार दोनों पक्ष इज्जतनगर थाने पहुंच गए।

50 हजार से शुरू हुआ विवाद, 10 हजार पर थाने में खत्म

अस्पताल के मैनेजर सोहिल खान ने परिजनों के आरोपों से अलग कहानी बताई। उनका कहना है कि मरीजों के इलाज में अस्पताल का जो खर्च आया था, परिजन उसका भुगतान नहीं कर रहे थे। इसी को लेकर कहासुनी हुई थी। सोहिल खान के मुताबिक मामला इज्जतनगर थाने पहुंचने के बाद दोनों पक्षों में बातचीत हुई और 10 हजार रुपये में विवाद निपट गया। इज्जतनगर इंस्पेक्टर सुरेश चंद गौतम ने भी अस्पताल के बिल को विवाद की वजह बताया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया था, जहां उनके बीच समझौता हो गया।

अस्पताल संचालक बोलीं- मुझे मामले की जानकारी नहीं

अस्पताल की संचालक डॉ. सबीना का कहना है कि उन्हें इस विवाद की जानकारी नहीं है। दूसरी ओर मैनेजर ने इलाज का खर्च बकाया होने की बात कही है। वहीं परिजनों ने 50 हजार रुपये मांगने के साथ गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

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