नई दिल्ली। कढ़ी-पकौड़ा का नाम सुनते ही आमतौर पर बेसन के तले हुए पकौड़े याद आते हैं, लेकिन राजस्थान में कढ़ी बनाने का एक अलग और बेहद स्वादिष्ट तरीका भी है। इसमें बेसन की जगह उड़द दाल के पकौड़े बनाए जाते हैं और खास बात यह है कि इन्हें तेल में तलने की जरूरत नहीं पड़ती। दाल के पकौड़ों को सीधे उबलती कढ़ी में डालकर पकाया जाता है। इससे पकौड़े मुलायम रहते हैं और कढ़ी का खट्टा-मसालेदार स्वाद अपने अंदर अच्छी तरह सोख लेते हैं।
यह राजस्थानी कढ़ी चावल और रोटी के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है। अगर आप रोज वाली बेसन की कढ़ी से कुछ अलग बनाना चाहते हैं तो उड़द दाल वाली यह कढ़ी-पकौड़ा रेसिपी आजमा सकते हैं।
पकौड़ों के लिए सामग्री
1 कप धुली उड़द दाल, आधा छोटा चम्मच नमक, एक चौथाई छोटा चम्मच हींग और जरूरत के अनुसार पानी।
कढ़ी के लिए सामग्री
1 कप दही, 4 कप पानी, 2 बड़े चम्मच घी, एक चौथाई छोटा चम्मच मेथी दाना, 10-15 काली मिर्च, 3 लौंग, दालचीनी का एक छोटा टुकड़ा, आधा छोटा चम्मच राई, आधा छोटा चम्मच जीरा, 2 तेजपत्ता, 10-12 करी पत्ते, 2 हरी मिर्च, 2 मध्यम आकार के प्याज, एक चौथाई छोटा चम्मच हल्दी, एक चौथाई छोटा चम्मच हींग, 1 छोटा चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च और स्वादानुसार नमक।
तड़के के लिए
2 बड़े चम्मच घी, 3-4 लहसुन की कलियां, थोड़ा अदरक, 3 सूखी लाल मिर्च, आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर और थोड़ा हरा धनिया।
पहले तैयार करें उड़द दाल का बैटर
उड़द दाल को अच्छी तरह धोकर करीब दो घंटे के लिए पानी में भिगो दें। दाल फूलने के बाद पानी निकालकर मिक्सर में डालें और बहुत थोड़ा पानी डालते हुए गाढ़ा व चिकना पीस लें।
पिसी दाल में नमक और हींग डालकर इसे तीन से चार मिनट तक अच्छी तरह फेंटें। इससे बैटर हल्का और फूला हुआ हो जाएगा। बैटर तैयार है या नहीं, इसे जांचने के लिए थोड़ा बैटर पानी में डालें। अगर वह ऊपर तैरने लगे तो समझ लें कि बैटर पकौड़े बनाने के लिए तैयार है।
ऐसे तैयार करें कढ़ी
एक बर्तन में दही और चार कप पानी डालकर अच्छी तरह फेंट लें। चाहें तो दही-पानी की जगह छाछ का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
अब कड़ाही में घी गर्म करें। इसमें मेथी दाना, काली मिर्च, लौंग, दालचीनी, राई, जीरा और तेजपत्ता डालें। इसके बाद करी पत्ता और हरी मिर्च डालें। लंबाई में कटे प्याज डालकर हल्का पकाएं। प्याज को ज्यादा भूरा नहीं करना है।
इसके बाद हल्दी, हींग और कश्मीरी लाल मिर्च डालें। थोड़ा पानी डालकर मसालों को तब तक पकाएं, जब तक घी अलग दिखाई देने लगे।
अब इसमें तैयार दही का मिश्रण धीरे-धीरे डालें और लगातार चलाते रहें। कढ़ी में उबाल आने तक इसे चलाते रहना जरूरी है, ताकि दही फटे नहीं।
बिना तले सीधे कढ़ी में डालें पकौड़े
कढ़ी में अच्छी तरह उबाल आने लगे तो आंच मध्यम कर दें। हाथ को हल्का गीला करके उड़द दाल के बैटर से छोटे-छोटे पकौड़े बनाएं और उन्हें सीधे उबलती कढ़ी में डालते जाएं। पकौड़े बहुत बड़े न रखें, क्योंकि पकने के बाद उनका आकार बढ़ जाएगा।
पकौड़ों को करीब चार से पांच मिनट तेज उबलती कढ़ी में पकने दें। इसके बाद स्वादानुसार नमक डालकर आंच धीमी-मध्यम कर दें और लगभग 15 मिनट तक कढ़ी पकाएं। इस दौरान पकौड़े अंदर तक पक जाएंगे और कढ़ी भी गाढ़ी होने लगेगी।
आखिर में लगाएं लहसुन-मिर्च का तड़का
छोटे पैन में घी गर्म करें। इसमें कटा हुआ लहसुन डालकर हल्का सुनहरा करें। फिर बारीक कटा अदरक और सूखी लाल मिर्च डालें। आखिर में लाल मिर्च पाउडर डालकर तुरंत गैस बंद कर दें।
इस गर्म तड़के को तैयार कढ़ी के ऊपर डालें और कढ़ी को करीब पांच मिनट के लिए ढककर छोड़ दें। इससे तड़के की खुशबू और स्वाद कढ़ी में अच्छी तरह उतर जाएगा।
ऊपर से हरा धनिया डालें। तैयार है बिना बेसन और बिना पकौड़े फ्राई किए बनी राजस्थानी उड़द दाल कढ़ी-पकौड़ा। इसे गरमागरम चावल, रोटी या पूरी के साथ परोस सकते हैं।