रामपुर। सिविल लाइंस इलाके में गुरुवार देर शाम एक मुख्य आरक्षी का शव किराये के कमरे में फंदे से लटका मिलने से पुलिस महकमे में खलबली मच गई। मृतक की पहचान 40 वर्षीय अरुण शुक्ला के रूप में हुई है। वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय की बड़ी पेशी में तैनात थे और गंगापुर आवास विकास कॉलोनी में अकेले किराये पर रहते थे। सूचना मिलते ही एसपी अनिल सिसौदिया और एएसपी अनुराग सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी।
दोपहर तीन बजे ड्यूटी खत्म कर निकले थे अरुण
पुलिस के मुताबिक अरुण शुक्ला गुरुवार को सामान्य रूप से ड्यूटी पर आए थे। दोपहर करीब तीन बजे काम खत्म होने के बाद वह एसपी कार्यालय से अपने कमरे के लिए निकल गए। शाम को परिवार के सदस्यों ने उनसे संपर्क करने के लिए कई बार फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। लगातार फोन नहीं उठने पर परिजनों को चिंता हुई। इसके बाद परिवार ने एसपी कार्यालय में अरुण के साथ तैनात सिपाही नितिन से संपर्क किया और कमरे पर जाकर देखने को कहा। नितिन जब गंगापुर स्थित मकान पर पहुंचे तो कमरे में अरुण का शव पंखे के सहारे फंदे से लटका मिला। इसकी सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।
मौके पर पहुंचे एसपी-एएसपी, जुटी लोगों की भीड़
मुख्य आरक्षी की मौत की खबर मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मकान के बाहर जमा हो गई। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को घटनास्थल से दूर कर दिया। एसपी अनिल सिसौदिया और एएसपी अनुराग सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और संबंधित पुलिसकर्मियों से जानकारी ली। अरुण करीब छह-सात महीने से एसपी कार्यालय की बड़ी पेशी में कार्यरत थे। इससे पहले कुछ समय तक उनकी तैनाती सीओ मिलक कार्यालय में भी रही थी।
एक साल पहले बरेली से रामपुर हुआ था तबादला
अरुण शुक्ला वर्ष 2005 बैच में पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। करीब एक साल पहले उनका स्थानांतरण बरेली से रामपुर हुआ था। वह मूल रूप से शाहजहांपुर जिले के बंडा कस्बे के रहने वाले थे, जबकि वर्तमान में उनका परिवार बरेली में रह रहा था। पुलिस के अनुसार उनकी मां और भाई भी बरेली में रहते हैं। अधिकारियों ने परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है।
पत्नी से चल रहा था वैवाहिक विवाद
पुलिस को प्रारंभिक जानकारी मिली है कि अरुण का पत्नी के साथ लंबे समय से वैवाहिक विवाद चल रहा था। फैमिली कोर्ट से तलाक के बाद उनकी पत्नी ने हाईकोर्ट में अपील कर रखी थी। उनका एक बेटा भी है, जो पत्नी के साथ रहता है। पत्नी बरेली में रहती हैं। बताया गया है कि अदालत के आदेश पर अरुण पत्नी को प्रतिमाह 25 हजार रुपये भरण-पोषण के तौर पर देते थे। हालांकि पुलिस ने अभी उनकी मौत के पीछे किसी एक कारण की पुष्टि नहीं की है। पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
परिवार पहुंचने के बाद होगा पोस्टमार्टम
घटना की जानकारी मिलने पर पत्नी भी बरेली से रामपुर पहुंचीं। वहीं पुलिस अन्य परिजनों के आने का इंतजार करती रही। एसपी अनिल सिसौदिया के मुताबिक परिवार के सदस्यों के पहुंचने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ड्यूटी से लौटने के बाद कमरे में ऐसा क्या हुआ कि मुख्य आरक्षी की जान चली गई।