बरेली। महापौर डॉ. उमेश गौतम और उनके बेटे के पार्थ गौतम फाउंडेशन की ओर से बरेली क्लब मेला मैदान में आयोजित सामूहिक रक्षाबंधन समारोह में भीड़ और धक्का-मुक्की के बीच बड़ा हादसा हो गया। चंद्रगुप्तपुरम निवासी 45 वर्षीय मधु सिंह की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि मधु की हालत गंभीर होने और अस्पताल ले जाने की सूचना उन्हें समय रहते नहीं दी गई। उनका कहना है कि वक्त पर जानकारी मिलती तो उन्हें नजदीकी मिलिट्री अस्पताल ले जाकर जान बचाने की कोशिश की जा सकती थी।

पास लेकर समारोह में पहुंची थीं मधु

मधु सिंह के भांजे एवं भाजपा के पूर्वी मंडल अध्यक्ष राजा तोमर के मुताबिक, वह सुबह करीब 10 बजे अपनी मामी को कार्यक्रम स्थल पर छोड़कर स्कूल ऑटो चलाने चले गए थे। मधु के साथ मोहल्ले की कुछ अन्य महिलाएं भी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं। राजा के अनुसार, महापौर की ओर से उन्हें कार्यक्रम के 15 पास मिले थे और उन्हीं में से एक पास पर मधु समारोह में गई थीं।

दोपहर डेढ़ बजे आया फोन- भगदड़ में बिगड़ी तबीयत

राजा तोमर ने बताया कि दोपहर करीब डेढ़ बजे उन्हें फोन पर सूचना मिली कि कार्यक्रम में भगदड़ और धक्का-मुक्की के दौरान मधु की तबीयत बिगड़ गई है और उन्हें चौकी चौराहा स्थित मिशन अस्पताल ले जाया गया है। इसके बाद परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि वहां पहुंचने के बावजूद मधु की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।

‘स्टाफ के पैर पकड़ते रहे, कोई नहीं बता रहा था मधु कहां हैं’

मृतक की परिजन लता देवी ने आरोप लगाया कि अस्पताल पहुंचने के बाद परिवार मधु के बारे में जानकारी मांगता रहा। यहां तक कि स्टाफ के पैर पकड़कर उनकी हालत पूछी, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। परिवार का कहना है कि उन्हें करीब एक घंटे बाद वास्तविक स्थिति की जानकारी हो सकी।

परिजन बोले- समय पर बताते तो मिलिट्री अस्पताल ले जाते

राजा तोमर का कहना है कि मधु के पति भगवान सिंह सेना से सेवानिवृत्त हैं। अगर मधु की हालत बिगड़ने की जानकारी तत्काल परिवार को मिल जाती तो उन्हें पास के मिलिट्री अस्पताल ले जाया जा सकता था। परिजनों का आरोप है कि सूचना मिलने में हुई देरी ने उन्हें समय रहते इलाज का दूसरा विकल्प चुनने का मौका नहीं दिया।

साड़ी वितरण के दौरान बढ़ा भीड़ का दबाव

समारोह में बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंची थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, साड़ी वितरण के दौरान भीड़ का दबाव बढ़ गया और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कार्यक्रम स्थल के बाहर मौजूद एक महिला ने दावा किया कि भीड़ में दो साल का एक बच्चा भी गिरकर दब गया था। इसके अलावा कई अन्य लोगों को चोट लगने के बाद एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। महिला के मुताबिक, वह भी साड़ी लेने कार्यक्रम में आई थीं। भीड़ इतनी अधिक थी कि लोग एक-दूसरे पर गिर रहे थे। उनका आरोप है कि साड़ियों के वितरण के दौरान अव्यवस्था बढ़ती चली गई।

सिटी मजिस्ट्रेट बोले- कार्यक्रम की सूचना नहीं थी

सिटी मजिस्ट्रेट राजेश वर्मा ने कहा कि बरेली क्लब मैदान में कार्यक्रम आयोजित होने की सूचना उन्हें नहीं थी। उन्होंने कहा कि यदि कार्यक्रम स्मार्ट सिटी अथवा राइफल क्लब से संबंधित था तो इसकी अनुमति नगर निगम स्तर से दी जाती है। मधु सिंह के निधन के बाद परिवार में मातम पसरा है। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार को गुलाबनगर स्थित श्मशान भूमि में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। परिवार की ओर से पोस्टमॉर्टम नहीं कराने की बात भी सामने आई है। घटना के बाद समारोह में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा इंतजाम और बीमार अथवा घायल लोगों के परिजनों को सूचना देने की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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