बरेली। फतेहगंज पूर्वी थाना क्षेत्र के गांव इटौरिया में डी-फार्मा के छात्र लालू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुक्रवार सुबह उसका शव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) परिसर में मिला। परिजनों ने प्रेम प्रसंग से जुड़े विवाद में हत्या कर शव अस्पताल परिसर में फेंकने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग बताया गया है। पुलिस हत्या और आत्महत्या समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
परिजनों के मुताबिक लालू तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था और डी-फार्मा द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। उसके चाचा मुकेश ने बताया कि बृहस्पतिवार रात करीब 11 बजे तक लालू उनके साथ खेत में फसल की रखवाली कर रहा था। इसके बाद वह वहां से चला गया। परिवार को लगा कि वह घर चला गया होगा, लेकिन इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। लालू के पिता उमेश ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए जमीन दान की थी। इसी वजह से लालू का स्वास्थ्य केंद्र परिसर में आना-जाना रहता था और कई बार वह वहीं रुक भी जाता था।
सुबह अस्पताल पहुंचा भतीजा तो पड़ा मिला शव
शुक्रवार सुबह लालू के बड़े भाई वीरेंद्र का बेटा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा तो परिसर में लालू का शव पड़ा देखकर उसके होश उड़ गए। उसने तत्काल घर पहुंचकर परिजनों को जानकारी दी। इसके बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और शव को वहां से घर ले आए। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी सक्रिय हुई और मामले की जांच शुरू कर दी। मृतक के चाचा मुकेश भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष बताए गए हैं। घटना की सूचना मिलने पर एमएलसी महाराज सिंह भी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
गांव की महिला से प्रेम प्रसंग की चर्चा, परिजनों का हत्या का आरोप
घटना के पीछे गांव की एक महिला से कथित प्रेम प्रसंग की चर्चा भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार रात लालू महिला के घर गया था। आरोप है कि वहां उसके साथ मारपीट की गई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि लालू की हत्या करने के बाद उसका शव स्वास्थ्य केंद्र परिसर में फेंका गया। परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। हालांकि इन आरोपों की पुलिस जांच अभी जारी है।
पोस्टमॉर्टम में हैंगिंग से मौत, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
पुलिस के मुताबिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में लालू की मौत का कारण हैंगिंग सामने आया है। इसके बाद मामला हत्या और आत्महत्या के दावों के बीच उलझ गया है। पुलिस घटनास्थल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। सीओ फरीदपुर संदीप सिंह के मुताबिक मृतक के भाई वीरेंद्र की ओर से शुरुआत में आत्महत्या की सूचना दी गई थी। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।