बरेली। अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड कंपनी के नाम पर निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो सगे भाइयों सूर्यकांत मौर्य और शशिकांत मौर्य को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों पर डीआईजी बरेली की ओर से 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। एसटीएफ नोएडा यूनिट और बदायूं कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने सात सितंबर को दोनों को दबोचा।
पुलिस के मुताबिक, शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य पुत्र नारायण मूलरूप से बरेली के कटरा चांद खां के रहने वाले हैं। दोनों के खिलाफ बदायूं कोतवाली में धोखाधड़ी समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से दोनों वांछित चल रहे थे। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी।
निवेश के नाम पर रकम जमा कराने का आरोप
आरोप है कि दोनों भाइयों ने बदायूं में अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड कंपनी का कार्यालय खोला था। कंपनी के जरिये निवेशकों को रकम जमा करने के लिए आकर्षित किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने बेहतर रिटर्न की उम्मीद में अपनी रकम जमा कर दी। आरोप है कि बाद में निवेशकों की रकम वापस नहीं की गई और करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी कर आरोपी फरार हो गए। शिकायतें सामने आने के बाद पुलिस ने मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू की। दोनों भाइयों के लगातार फरार रहने के कारण उनकी गिरफ्तारी पर डीआईजी बरेली ने 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
बरेली तक फैला ठगी के मामलों का दायरा
जांच में आरोपियों के खिलाफ बरेली में भी ठगी के मामले सामने आए हैं। बारादरी थाने में नगर निगम की एक महिला कर्मचारी की ओर से भी दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसके अलावा दोनों के विरुद्ध अन्य मामले भी दर्ज बताए गए हैं। एसटीएफ नोएडा यूनिट और बदायूं कोतवाली पुलिस ने सात सितंबर को संयुक्त कार्रवाई कर दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामलों और कंपनी के जरिये हुए वित्तीय लेनदेन से जुड़े तथ्यों की जांच आगे बढ़ा रही है।