बरेली। बारिश थमने के बाद नगर निगम ने शहर में व्यापक स्तर पर जल निकासी अभियान चलाकर अधिकांश निचले इलाकों से पानी निकाल दिया है, लेकिन कई कॉलोनियों में हालात अब भी सामान्य नहीं हुए हैं। रेजीडेंसी गार्डेन, हजियापुर, कर्मचारी नगर के लाजपत नगर और त्रिवेणी एन्क्लेव समेत कई इलाकों में बुधवार को भी जलभराव बना रहा। सबसे खराब स्थिति रेजीडेंसी गार्डेन की है, जहां तीसरे दिन भी पूरी तरह पानी नहीं निकल सका। हालात का जायजा लेने के लिए बुधवार को डीएम अविनाश सिंह और नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ट्रैक्टर पर बैठकर कॉलोनी के अंदर पहुंचे।
रेजीडेंसी गार्डेन में बारिश के बाद करीब छह फीट तक पानी भर गया था। मंगलवार को नगर निगम की टीम दिनभर जल निकासी में जुटी रही। सक्शन पंप और टैंकरों की मदद से लगातार पानी खींचा गया, लेकिन कॉलोनी को पूरी तरह जलभराव से मुक्त नहीं कराया जा सका। बुधवार को भी सड़कों पर पानी जमा रहा और नगर निगम की टीमें निकासी में लगी रहीं। रेजीडेंसी गार्डेन में हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि करीब 90 फीसदी घरों में ताले लटके हैं। जलभराव के कारण विद्युत निगम ने इलाके की बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी है। करीब 10 फीसदी घरों में लोग अभी भी ऊपरी मंजिलों पर रह रहे हैं। इन परिवारों तक सामाजिक संगठनों के माध्यम से राशन, सब्जियां और पीने का पानी पहुंचाया गया।
ट्रैक्टर पर सवार होकर कॉलोनी में पहुंचे डीएम और नगर आयुक्त
बुधवार को डीएम अविनाश सिंह और नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य रेजीडेंसी गार्डेन पहुंचे। जलभराव के कारण अधिकारियों को ट्रैक्टर पर बैठकर कॉलोनी के अंदर जाना पड़ा। दोनों अधिकारियों ने जल निकासी व्यवस्था और प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा नगर निगम की टीमों से स्थिति की जानकारी ली। जलभराव से परेशान लोगों का गुस्सा मंगलवार को सड़क पर दिखाई दिया। रेजीडेंसी गार्डेन के गेट के बाहर करीब 25 से 30 लोग सड़क पर बैठ गए और चार पहिया वाहन खड़े कर रास्ता जाम कर दिया। इससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर करीब नौ बजे रास्ता खुलवाया।
आकांक्षा एन्क्लेव में 3-4 फीट पानी, करीब 400 घर प्रभावित
मुंशीनगर स्थित आकांक्षा एन्क्लेव में भी स्थिति गंभीर बनी रही। यहां तीन से चार फीट तक पानी भरने से करीब 400 घरों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्मचारी नगर के त्रिवेणी एन्क्लेव में दो से तीन फीट तक पानी जमा रहा। पवन विहार, छोटी बिहार के परवाना नगर, संजय नगर, आधार शिला, कूर्मांचल नगर के नार्थ सिटी एक्सटेंशन और लाजपत नगर में भी जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाईं। गणेश नगर, बन्नू बाल कॉलोनी और मिनी बाइपास के आसपास बसी कई कॉलोनियों में भी जल निकासी की समस्या सामने आई है। इनमें कई कॉलोनियां अनियोजित तरीके से विकसित हुई हैं। ग्रीन पार्क क्षेत्र में भी नदी किनारे प्लॉटिंग किए जाने की बात सामने आई है।
अब पुराने नाले-तालाब खोजेगा नगर निगम, बनेगा ड्रेनेज मास्टर प्लान
लगातार सामने आ रही जलभराव की समस्या के बाद नगर निगम अब स्थायी समाधान की तैयारी में है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि शहर के पुराने नालों और तालाबों को चिह्नित किया जाएगा। जिन नालों और तालाबों पर अतिक्रमण पाया जाएगा, उन्हें खुलवाने की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम पूरे शहर के लिए ड्रेनेज मास्टर प्लान भी तैयार कराएगा। इसके साथ ही निचले इलाकों और उन स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है, जहां बारिश के दौरान आसपास का पानी एकत्र होता है। इसके आधार पर भविष्य में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था तैयार की जाएगी।