जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में गर्भवती महिला से सरेराह छेड़छाड़ कर फरार हुए हिस्ट्रीशीटर की ‘फिल्मी चाल’ आखिरकार फेल हो गई। पुलिस की सख्ती और लगातार दबाव के आगे आरोपी को घुटने टेकने पड़े और उसने मध्य प्रदेश के मुरैना कोर्ट में सरेंडर कर दिया। लेकिन उसकी यह चाल भी ज्यादा देर काम नहीं आई—अब जयपुर पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर वापस लाने की तैयारी में है।
सरेराह शर्मनाक हरकत, वीडियो हुआ वायरल
घटना 25 मार्च की शाम मालवीय नगर सेक्टर-9 की है, जहां आरोपी राहुल गुर्जर ने एक गर्भवती महिला के साथ खुलेआम अभद्रता और छेड़छाड़ की। सड़क पर हुई इस हरकत का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। वीडियो में आरोपी का आक्रामक अंदाज और महिला के साथ बदसलूकी ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। देखते ही देखते मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया और आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर भारी दबाव बन गया।
हुलिया बदलकर पुलिस को देने लगा चकमा
घटना के बाद आरोपी फरार हो गया और खुद को बचाने के लिए उसने हर हथकंडा अपनाया। सीसीटीवी में घनी दाढ़ी-मूंछों वाले लुक में नजर आने वाला राहुल, कुछ ही दिनों में क्लीन शेव होकर पूरी तरह बदला हुआ दिखा। उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए कपड़े, रहन-सहन और ठिकाने तक बदल लिए। जयपुर से निकलकर वह बारां, धौलपुर, चित्तौड़गढ़ होते हुए भिंड-मुरैना के बीहड़ों में जा छिपा।
5 शहर, बीहड़ और पुलिस का साया… आखिर टूट गया हौसला
जयपुर पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पेशल टीमें गठित कीं। पुलिस कमिश्नर Sachin Mittal और डीसीपी (ईस्ट) Ranjita Sharma के नेतृत्व में टीमों ने आरोपी का लगातार पीछा किया। बीहड़ों से लेकर शहरों तक पुलिस ने दबिश दी। हर संभावित ठिकाने पर छापेमारी हुई। पुलिस का बढ़ता दबाव, गिरफ्तारी का डर और एनकाउंटर की आशंका ने आरोपी का हौसला तोड़ दिया।
MP कोर्ट में सरेंडर की ‘स्मार्ट’ चाल
आखिरकार आरोपी ने एक चाल चली—उसने मध्य प्रदेश के मुरैना कोर्ट में एक पुराने डकैती मामले में सरेंडर कर दिया। उसका मकसद था कि जयपुर पुलिस की कड़ी पूछताछ और हिरासत से बचकर सीधे जेल चला जाए। उसने अपने वकील के जरिए चुपचाप सरेंडर की अर्जी लगाई और कोर्ट में पेश हो गया। लेकिन उसकी यह चाल ज्यादा देर तक नहीं चल पाई, क्योंकि जयपुर पुलिस पहले से ही उस पर नजर बनाए हुए थी।
हिस्ट्रीशीटर का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड
जांच में सामने आया कि राहुल गुर्जर ग्वालियर के बिजौली का रहने वाला है और उस पर हत्या के प्रयास, लूट, डकैती जैसे कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक, वह पहले भी कई बार अपराध कर फरार हो चुका है और इलाके में उसका नाम एक शातिर अपराधी के तौर पर जाना जाता है।
लापरवाह पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
इस पूरे मामले में पुलिस विभाग की लापरवाही भी सामने आई। आरोप है कि जवाहर सर्किल थाने के एएसआई महेश चंद्र और हेड कांस्टेबल अंगदराम ने आरोपी को पकड़ने के बावजूद बिना ठोस कार्रवाई के छोड़ दिया था। इस गंभीर चूक पर विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल सस्पेंड कर दिया। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अब प्रोडक्शन वारंट पर जयपुर लाया जाएगा आरोपी
डीसीपी रंजीता शर्मा ने साफ कर दिया है कि आरोपी चाहे किसी भी राज्य में सरेंडर करे, कानून से बच नहीं सकता। जयपुर पुलिस जल्द ही प्रोडक्शन वारंट के जरिए उसे राजस्थान लाएगी और मामले में आगे की कार्रवाई करेगी। साथ ही आरोपी को पनाह देने वाले उसके साथी शुभम उर्फ सिद्धार्थ को भी गिरफ्तार कर लिया गया है, जिससे पूछताछ जारी है।
महिला सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर महिला सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरेराह गर्भवती महिला के साथ इस तरह की घटना और फिर आरोपी का फरार होना, सिस्टम की कमजोरियों को उजागर करता है। हालांकि, पुलिस की तत्परता और दबाव के चलते आरोपी का सरेंडर होना यह भी दिखाता है कि कानून का शिकंजा आखिरकार कस ही जाता है।
संदेश साफ—कानून से बचना नामुमकिन
यह पूरा मामला साफ करता है कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी क्यों न कर ले, कानून से ज्यादा दिन तक नहीं बच सकता। जयपुर की सड़कों पर महिला की गरिमा से खिलवाड़ करने वाले इस हिस्ट्रीशीटर को अब अपने हर गुनाह का हिसाब देना होगा।