19 और 20 अगस्त को लगातार दो मरीजों का सफल कॉर्निया ट्रांसप्लांट, बरेली में चिकित्सा क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि
बरेली, 21 अगस्त 2026। बरेली स्थित फोकस नेत्रालय, 116-D, गुलमोहर पार्क, राजेंद्र नगर में कॉर्निया प्रत्यारोपण सेवाओं की सफल शुरुआत हो गई है। संस्थान में 19 अगस्त 2026 को पहला और 20 अगस्त 2026 को दूसरा कॉर्निया प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया गया। लगातार दो दिनों में हुए इन सफल प्रत्यारोपणों को संस्थान ने महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
कॉर्निया की गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए जगी नई उम्मीद
लगातार दो सफल कॉर्निया प्रत्यारोपण बरेली और आसपास के क्षेत्रों के उन मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण हैं, जिनकी दृष्टि कॉर्निया से जुड़ी गंभीर बीमारी के कारण प्रभावित है। स्थानीय स्तर पर इस तरह की उन्नत नेत्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को उपचार के लिए दूसरे शहरों की ओर जाने की जरूरत कम हो सकती है।
27 जुलाई को मिला पंजीकरण, तीन महत्वपूर्ण नेत्र सेवाओं को मिली मान्यता
फोकस नेत्रालय को 27 जुलाई 2026 को संबंधित प्राधिकरण की ओर से Transplantation of Human Organs Act, 1994 (Act No. 42 of 1994) के अंतर्गत निर्धारित सेवाओं के लिए पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। इसके तहत संस्थान में कॉर्निया प्रत्यारोपण, नेत्र बैंक (Eye Bank) और नेत्र पुनर्प्राप्ति केंद्र (Eye Retrieval Centre) जैसी सेवाएं शामिल हैं।
विशेषज्ञ टीम ने संभाली जिम्मेदारी, सफल रहे दोनों प्रत्यारोपण
फोकस नेत्रालय की ऑप्थेल्मोलॉजी टीम में शामिल डॉ. कानुप्रिया अग्रवाल और डॉ. काव्या ने कॉर्निया प्रत्यारोपण सेवाओं को लेकर संस्थान की योजना और उद्देश्य की जानकारी दी। टीम के अनुसार संस्थान का लक्ष्य केवल सफल सर्जरी तक सीमित नहीं है, बल्कि कॉर्निया प्रत्यारोपण के साथ-साथ नेत्रदान जागरूकता, आई बैंक और आई रिट्रीवल सेवाओं को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाना भी है।
“कॉर्निया प्रत्यारोपण किसी को फिर से दुनिया देखने का अवसर देता है”
इस अवसर पर डॉ. कानुप्रिया अग्रवाल ने कहा कि कॉर्निया प्रत्यारोपण केवल एक शल्य चिकित्सा नहीं है, बल्कि किसी व्यक्ति को फिर से दुनिया देखने का अवसर देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि 19 और 20 अगस्त को लगातार दो सफल प्रत्यारोपण संस्थान के लिए महत्वपूर्ण शुरुआत हैं। प्रयास है कि बरेली और आसपास के मरीजों को ऐसी उन्नत नेत्र सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध कराई जा सकें।
क्या है कॉर्निया और कब पड़ती है प्रत्यारोपण की जरूरत?
चिकित्सकों के अनुसार कॉर्निया आंख के सामने मौजूद पारदर्शी परत होती है, जो दृष्टि के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। संक्रमण, चोट, जन्मजात समस्या अथवा अन्य कारणों से कॉर्निया के धुंधला या अपारदर्शी हो जाने पर व्यक्ति की दृष्टि गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। ऐसे चयनित मरीजों में कॉर्निया प्रत्यारोपण दृष्टि को सुधारने या पुनः प्राप्त करने का प्रभावी उपचार हो सकता है।
नेत्रदान से किसी की जिंदगी में लौट सकती है रोशनी
फोकस नेत्रालय की ओर से लोगों से नेत्रदान के प्रति जागरूक होने की अपील की गई है। संस्थान के अनुसार किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद किया गया नेत्रदान कॉर्निया प्रत्यारोपण के माध्यम से किसी अन्य जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में नई रोशनी ला सकता है।
सम्मान और गरिमा के साथ होती है नेत्रदान की प्रक्रिया
चिकित्सक दल ने बताया कि नेत्रदान से जुड़ी प्रक्रिया प्रशिक्षित टीम द्वारा पूरी गरिमा और सम्मान के साथ की जाती है। यह संवेदनशील एवं मानवीय सेवा है, जिसके माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को दृष्टि संबंधी लाभ मिल सकता है।
आगे कॉर्निया प्रत्यारोपण सेवाओं के विस्तार की तैयारी
फोकस नेत्रालय का उद्देश्य आने वाले समय में कॉर्निया प्रत्यारोपण सेवाओं का विस्तार करना, नेत्रदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, Eye Bank एवं Eye Retrieval Services को मजबूत करना और जरूरतमंद मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है।
बरेली में उन्नत नेत्र चिकित्सा सेवाओं को मिल सकता है नया विस्तार
लगातार दो दिनों में दो सफल कॉर्निया प्रत्यारोपण के साथ फोकस नेत्रालय ने बरेली में उन्नत नेत्र चिकित्सा सेवाओं की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। कॉर्निया प्रत्यारोपण के साथ आई बैंक और आई रिट्रीवल सेवाओं का विस्तार होने से आने वाले समय में नेत्रदान और दृष्टि पुनर्स्थापना से जुड़े प्रयासों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
“नेत्रदान—जीवन के बाद भी किसी की दुनिया रोशन करने का अवसर”
फोकस नेत्रालय की ओर से लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक करते हुए संदेश दिया गया है कि “नेत्रदान—जीवन के बाद भी किसी की दुनिया रोशन करने का अवसर है।” संस्थान ने समाज के लोगों से इस मानवीय पहल के प्रति जागरूक होने और जरूरतमंदों की जिंदगी में रोशनी लाने में योगदान देने की अपील की।