बरेली। शहर की सड़कों पर कूड़े के ढेर और घरों से कचरा उठाने में चल रही मनमानी अब सफाई एजेंसियों और निगम कर्मचारियों पर भारी पड़ने लगी है। बुधवार को सफाई की बदहाल तस्वीर सामने आई तो नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने एक्शन का हंटर चला दिया। पांच एजेंसियों पर एक झटके में 95 हजार रुपये का जुर्माना ठोक दिया गया, जबकि वनखंडीनाथ, संजय नगर और डीडीपुरम में लापरवाही पर सफाई नायक और इंस्पेक्टर भी कार्रवाई की जद में आ गए।
समीक्षा में पीलीभीत बाईपास रोड से संजय नगर, सैटेलाइट से वनखंडीनाथ मंदिर, कुदेशिया फाटक से लल्ला मार्केट और मिनी बाईपास जैसे प्रमुख मार्गों पर नियमित सफाई नहीं होने की बात सामने आई। कई जगह गंदगी और कूड़ा पड़ा मिला। डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली एजेंसियां भी तय व्यवस्था के मुताबिक घरों से कचरा नहीं उठा रही थीं। इस पर नगर आयुक्त ने जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
किसी पर 30 हजार तो किसी पर 20 हजार का जुर्माना
सबसे बड़ी कार्रवाई पीपीपी सिक्योरिटी पर हुई, जिस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। अवर ड्रीम और कोणार्क ग्लोबल पर 20-20 हजार रुपये, कय्यूम ठेकेदार पर 15 हजार रुपये और आयुषी हाईजिन एंड केयर प्राइवेट लिमिटेड पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। पांचों एजेंसियों पर कुल 95 हजार रुपये की पेनाल्टी लगी है। साथ ही साफ कर दिया गया कि सफाई व्यवस्था नहीं सुधरी तो अगली कार्रवाई और कड़ी होगी।
एजेंसियां ही नहीं, सफाई नायक और इंस्पेक्टर भी नपे
नगर आयुक्त ने सिर्फ एजेंसियों पर कार्रवाई कर मामला खत्म नहीं किया। वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं बढ़ने पर सभी सफाई निरीक्षकों को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए। वनखंडीनाथ, संजय नगर और डीडीपुरम में सफाई की खराब स्थिति पर संबंधित सफाई नायकों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही संबंधित सफाई इंस्पेक्टरों को भी प्रतिकूल प्रविष्टि देने को कहा गया है। नगर आयुक्त ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी, उप नगर स्वास्थ्य अधिकारी, जोनल ऑफिसर और सफाई इंस्पेक्टरों को नियमित फील्ड में निकलने की हिदायत दी है। अफसरों को अपने क्षेत्रों में घूमकर सफाई की हकीकत देखने के साथ स्थानीय लोगों से सीधे बात करनी होगी। नागरिकों से फीडबैक लेकर उसी आधार पर व्यवस्था में सुधार कराने को कहा गया है।
जहां रोज लगता है कूड़े का ढेर, वहां बदलेगी तस्वीर
शहर के ऐसे स्थान जहां रोकने के बावजूद बार-बार कूड़ा फेंका जाता है, यानी गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट, अब नगर निगम के निशाने पर होंगे। इन जगहों पर पहले लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके बाद भी कूड़ा फेंकने वालों को नोटिस देकर कार्रवाई होगी। कूड़े के स्थायी ठिकाने बन चुके इन स्थानों को साफ कर उनका सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। बैठक में सफाई से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिये कि शहर की सफाई सिर्फ कागजों में नहीं, जमीन पर दिखाई देनी चाहिए। हर अधिकारी को अपने क्षेत्र की जिम्मेदारी खुद संभालनी होगी। लापरवाही मिलने पर एजेंसी हो या निगम का कर्मचारी, कार्रवाई से कोई नहीं बचेगा।