चाइनीज मांझेFile photo

बरेली। शहर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। डेढ़ महीने के भीतर तीसरी बड़ी घटना सामने आने के बाद भी प्रशासन प्रभावी कार्रवाई करता नजर नहीं आ रहा। शुक्रवार शाम किला पुल के पास चाइनीज मांझे की चपेट में आने से विद्युत विभाग के एक कर्मचारी का चेहरा गंभीर रूप से घायल हो गया।

तेज धार वाले मांझे से उनकी नाक और चेहरे पर गहरे कट लग गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद कर प्राथमिक उपचार कराया, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित घर भेजा गया।

आज शाम ही ड्यूटी खत्म कर बाइक से लौट रहे थे घर

सुभाषनगर थाना क्षेत्र के करेली गांव निवासी सोहिल कमाल फतेहगंज पश्चिमी स्थित विद्युत विभाग के एसडीओ कार्यालय में तैनात हैं। शुक्रवार शाम ड्यूटी खत्म कर वह बाइक से अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही वह किला पुल के पास पहुंचे, अचानक हवा में उड़ता हुआ प्रतिबंधित चाइनीज मांझा उनके चेहरे से टकरा गया।

यह भी पढ़ें : पति की कोल्ड ड्रिंक में मिला दिया नशीला पदार्थ, फिर साड़ी से गला घोंटकर फरार हुई पत्नी, बेटी ने खोला पूरा राज

चाइनीज मांझे
चाइनीज मांझे का प्रतिकात्मक फोटो।

बिजलीकर्मी के चेहरे पर हो गए कई जगह गहरे घाव

मांझे की धार इतनी तेज थी कि उनके चेहरे पर कई जगह गहरे घाव हो गए। हादसे के बाद राहगीरों ने उन्हें संभाला और तत्काल उपचार दिलाया। यह कोई पहला मामला नहीं है। शहर में लगातार चाइनीज मांझे से लोग घायल हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद बिक्री और इस्तेमाल पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।

15 जून को गन्ना राज्यमंत्री का भतीजा भी आया था चपेट में

15 जून को श्यामगंज फ्लाईओवर पर प्रदेश के गन्ना राज्यमंत्री संजय गंगवार के भतीजे वीर सिंह गंगवार भी चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए थे। स्कूटी से जाते समय मांझा उनकी गर्दन में उलझ गया और तेज कट लगने से वह सड़क पर गिर पड़े। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया था।

चाइनीज मांझे
29 जुलाई को चाइनीज मांझे से छात्र वैभव प्रताप सिंह घायल हो गया था। फाइल फोटो

4 दिन पहले कोचिंग जा रहे छात्र भी हो गया था घायल

29 जुलाई को महादेव पुल पर कक्षा 12 के छात्र वैभव प्रताप सिंह की गर्दन भी चाइनीज मांझे से कट गई थी। कोचिंग जाते समय अचानक मांझा गर्दन में फंस गया, जिससे वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा। एक राहगीर ने मानवता दिखाते हुए उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज कराया गया।

यह भी पढ़ें : बेटी के नामकरण में दावत नहीं दी तो दबंगों ने युवक पर झोंका फायर, आरोपी गिरफ्तार

कार्रवाई के दावे, लेकिन हादसे नहीं रुक रहे

लगातार तीन गंभीर घटनाओं के बावजूद शहर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की खुलेआम बिक्री और इस्तेमाल पर प्रभावी अंकुश नहीं लग सका है। हर नए हादसे के बाद कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात नहीं बदल रहे। अब लगातार हो रही घटनाओं ने शहरवासियों की चिंता बढ़ा दी है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।

चाइनीज मांझा (नायलॉन/प्लास्टिक धागा) बेहद खतरनाक है। इससे बचाव के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाएं :

  • गले की सुरक्षा: दुपहिया वाहन चलाते समय गले में मफलर, स्कार्फ या नेक-गार्ड जरूर पहनें।
  • वाहन की गति: पतंगबाजी के दिनों में बाइक या स्कूटी धीमी गति से चलाएं।
  • सेफ्टी वायर: अपनी मोटरसाइकिल के आगे सुरक्षात्मक तार (सेफ्टी रॉड) लगवाएं।
  • फोर-व्हीलर का प्रयोग: यदि संभव हो, तो इन दिनों यात्रा के लिए कार का उपयोग करें।
  • खुले में पतंगबाजी से बचें: छतों या सड़कों के बजाय पार्क या खुले मैदान में ही पतंग उड़ाएं।
  • पक्षियों की सुरक्षा: सुबह और शाम को पतंग न उड़ाएं, इस समय पक्षी अधिक उड़ते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *