बरेली। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नाजिया इलाही खान की कथित टिप्पणी को लेकर बरेली में विरोध तेज हो गया है। दरगाह आला हजरत और ताजुशरिया से जुड़े संगठन जमात रज़ा-ए-मुस्तफा के पदाधिकारियों ने गुरुवार को एसपी सिटी से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग उठाई। संगठन ने आरोप लगाया कि नाजिया इलाही खान ने सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में हुजूर नबी-ए-करीम और उम्मुल मोमिनीन हजरत आयशा सिद्दीका रजि. के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की है, जिससे मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

जमात रज़ा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान उर्फ फरमान मियां के निर्देशन में संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल एसपी सिटी कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने एसपी सिटी मानुष पारीक को शिकायती पत्र सौंपकर मामले में तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की। संगठन का कहना है कि इस तरह की टिप्पणियां समाज में तनाव और वैमनस्य का माहौल पैदा कर सकती हैं।

FIR दर्ज करने और वीडियो हटाने की मांग

ज्ञापन में संगठन ने मांग की कि नाजिया इलाही खान के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही विवादित वीडियो को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटवाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।

‘नबी-ए-पाक की ताजीम हमारे ईमान का हिस्सा’

जमात रज़ा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान ने कहा कि मस्लक-ए-आला हजरत की बुनियाद नबी-ए-पाक की मोहब्बत और ताजीम पर आधारित है। उन्होंने कहा कि इमाम अहमद रजा खान फाजिले बरेलवी ने पूरी जिंदगी हुजूर की शान और नामूस की हिफाजत के लिए समर्पित कर दी। ऐसे में सोशल मीडिया पर की गई कथित गुस्ताखाना टिप्पणियां किसी एक समुदाय नहीं बल्कि देश के अमन और भाईचारे के लिए भी खतरा बन सकती हैं।

कानून के दायरे में रहकर उठाई आवाज

फरमान मियां ने कहा कि जमात रज़ा-ए-मुस्तफा कानून और संविधान के दायरे में रहकर अपनी बात प्रशासन तक पहुंचा रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति धार्मिक हस्तियों के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी करने का साहस न कर सके।

ये लोग रहे मौजूद

प्रतिनिधिमंडल में डॉ. मेहंदी, शाईब उद्दीन रज़वी, सय्यद इकरार एडवोकेट, राशिद खान एडवोकेट, अकबर हुसैन एडवोकेट, नूरजहां एडवोकेट, हाफिज तौसीफ, मुफ्ती रहबर, मौलाना फरमान, जुबैर नबी, इलयास खान, रिजवान अली, मोहम्मद जुबैर, अदनान, फरमान हुसैन, मोहम्मद कमर रजवी, बिलाल रज़ा घोसी, जुनैद रज़ा अज़हरी, कमर रज़ा और वसीम रज़ा समेत बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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