मृतक का फाइल फोटो

बरेली। नर्सिंग असिस्टेंट कुलदीप गोस्वामी की संदिग्ध मौत के मामले में अब कई नए आरोप सामने आए हैं। मृतक के परिवार का कहना है कि दूसरी पत्नी गुंजा ने सुनियोजित साजिश के तहत शादी कर कुलदीप को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया। वहीं, कुलदीप ने मौत से पहले रिकॉर्ड किए गए दो वीडियो और तीन पन्नों के सुसाइड नोट में पत्नी, ससुराल पक्ष और सुभाषनगर थाने के एक दरोगा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

वायरल वीडियो में उन्होंने दावा किया कि उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की गई, जबकि पत्नी की तहरीर दरोगा ने खुद अपने हाथ से लिखी। रिश्वत मांगने और शिकायत दर्ज न करने के भी आरोप लगाए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है।

तीन दिन में दो मुकदमे, परिवार ने उठाए सवाल

मृतक के पिता सत्यपाल गोस्वामी ने बताया कि कुलदीप की पहली शादी करीब 15 वर्ष पहले दयावती से हुई थी, जिनसे उनका 13 वर्षीय बेटा उत्कर्ष है। पारिवारिक विवाद के बाद दयावती ने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। करीब तीन माह पहले दोनों पक्षों में समझौता हुआ और ढाई लाख रुपये लेकर तलाक हो गया। इसके बाद कुलदीप ने गुंजा से शादी की।

परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद घर से नकदी और जेवर गायब होने लगे। कुलदीप को जब शक हुआ और उसने विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि गुंजा के भाई ने कुलदीप के छोटे भाई की पत्नी से अभद्रता की, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की। इसके उलट एक जुलाई को गुंजा की ओर से महिला थाने में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा दिया गया। परिवार का कहना है कि तीन दिन के भीतर उनके खिलाफ दो मुकदमे दर्ज कर दिए गए।

70 हजार रुपये ट्रांसफर होने का भी लगाया आरोप

परिजनों के मुताबिक, कुलदीप ने पत्नी पर घर से 70 हजार रुपये निकालकर मायके वालों के खाते में भेजने का आरोप लगाया था। खाते में रकम पहुंचने की रसीद मिलने के बाद दोनों पक्षों में विवाद और बढ़ गया। इसी के बाद महिला थाने में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया गया।

वीडियो और सुसाइड नोट में सुनाई पूरी कहानी

कुलदीप के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इनमें एक करीब 10 सेकेंड और दूसरा चार मिनट 21 सेकेंड का है। वीडियो में उन्होंने पत्नी और ससुराल पक्ष को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। उन्होंने सुभाषनगर पुलिस पर भी कार्रवाई न करने और रिश्वत मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। कार से बरामद तीन पन्नों के सुसाइड नोट में भी लगभग यही बातें लिखी गई हैं।

‘पुलिस सुन लेती तो बच जाता मेरा बेटा’

मृतक के पिता सत्यपाल गोस्वामी का कहना है कि यदि पुलिस उनकी शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई करती तो उनका बेटा आज जीवित होता। उनका आरोप है कि बेटे को लगातार प्रताड़ित किया गया, लेकिन पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी।

एसएसपी बोले- दरोगा पर लगे आरोपों की होगी जांच

एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि मृतक के पिता की तहरीर पर थाना कैंट में मुकदमा दर्ज किया गया है। फील्ड यूनिट ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और सुसाइड नोट भी बरामद किया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सुभाषनगर थाने के दरोगा पर लगाए गए आरोपों की जांच के लिए एसपी सिटी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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