गाजीपुर के होनहार युवक यमंग उर्फ रोहित यादव की तमिलनाडु में लैंड माइन विस्फोट में दर्दनाक मौत हो गई। देश की सेवा का सपना लेकर सीडीएस इंटरव्यू देने चेन्नई पहुंचे यमंग को क्या पता था कि यह यात्रा उनकी जिंदगी की आखिरी साबित होगी। इंटरव्यू के बाद दोस्तों के साथ पहाड़ियों में घूमने निकले यमंग बारूदी सुरंग की चपेट में आ गए और जोरदार धमाके में मौके पर ही उनकी जान चली गई। इस हादसे ने पूरे परिवार और गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।
इंटरव्यू के बाद घूमने गए, मौत ने घेर लिया
जानकारी के अनुसार, यमंग ने हाल ही में सीडीएस की लिखित परीक्षा पास की थी और सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (SSB) का इंटरव्यू देने चेन्नई पहुंचे थे। इंटरव्यू खत्म होने के बाद वह अपने दोस्तों के साथ तमिलनाडु के हनुमंतपुरम क्षेत्र की पहाड़ियों में घूमने चले गए। यह इलाका बेहद संवेदनशील बताया जा रहा है, जहां पहले से बारूदी सुरंगें बिछी हुई थीं। घूमने के दौरान अनजाने में यमंग का पैर लैंड माइन पर पड़ गया, जिसके बाद तेज धमाका हुआ और वह उसकी चपेट में आ गए।
धमाके ने छीन लिया सबकुछ
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट इतना तेज था कि आसपास का इलाका दहल उठा। यमंग को बचाने का मौका तक नहीं मिला और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उनके दोस्तों ने तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। यमंग अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। उनके पिता रमेश यादव भारतीय वायुसेना में कार्यरत हैं, जबकि मां विनीता देवी गृहिणी हैं। बेटे की सफलता से परिवार में खुशियों का माहौल था, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ छीन लिया। जैसे ही घटना की सूचना मिली, माता-पिता बेंगलुरु से तमिलनाडु के लिए रवाना हो गए। बेटे के शव को देखकर उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव में पसरा मातम, हर आंख नम
गाजीपुर के खानपुर थाना क्षेत्र के बभनौली गांव में इस घटना के बाद शोक की लहर दौड़ गई है। जिस बेटे से पूरे गांव को उम्मीद थी, वही अब हमेशा के लिए खामोश हो गया। ग्रामीणों के अनुसार यमंग बेहद होनहार, शांत स्वभाव और मेहनती युवक थे। उनकी सफलता से गांव के अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिल रही थी। यमंग ने अपनी स्नातक स्तर की पढ़ाई बेंगलुरु से पूरी की थी और उनका सपना भारतीय सेना में अधिकारी बनने का था। उन्होंने कड़ी मेहनत कर सीडीएस की परीक्षा पास की थी और इंटरव्यू के बाद अंतिम चयन की उम्मीद थी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
शव गांव लाया जाएगा, अंतिम संस्कार की तैयारी
परिजनों के अनुसार यमंग का शव बुधवार शाम तक उनके पैतृक गांव लाया जाएगा, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। गांव में पहले से ही अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और हर कोई अपने लाडले बेटे को अंतिम विदाई देने के लिए तैयार है। इस हादसे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पर्यटक क्षेत्र में बारूदी सुरंगें कैसे सक्रिय थीं और वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे। स्थानीय प्रशासन की ओर से मामले की जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर यह दुर्घटना कैसे हुई।