नोएडा। भाई-बहन के अटूट रिश्ते के पर्व रक्षाबंधन से पहले नोएडा के चाइल्ड पीजीआई से भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। नेपाल की एक बहन ने गंभीर बीमारी से जूझ रहे अपने 12 वर्षीय भाई प्रिंस को स्टेम सेल दान कर उसकी जिंदगी बचा ली। लंबे इलाज और लगातार निगरानी के बाद डॉक्टरों ने अब बच्चे को स्वस्थ घोषित किया है। परिवार के लिए यह खबर रक्षाबंधन से पहले किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है।

बुखार और पीलापन लेकर अस्पताल पहुंचा था प्रिंस

नेपाल निवासी 12 वर्षीय प्रिंस को लगातार बुखार, शरीर में बढ़ते पीलापन और कभी-कभी रक्तस्राव की शिकायत के बाद नोएडा के सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई में भर्ती कराया गया था। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नीता राधाकृष्णन की देखरेख में उसकी जांच की गई। खून की रिपोर्ट में लाल और सफेद रक्त कोशिकाओं के साथ प्लेटलेट्स की संख्या भी बेहद कम मिली। बोन मैरो की जांच में सामने आया कि प्रिंस के शरीर में खून बनाने वाली प्रणाली लगभग काम करना बंद कर चुकी थी। विस्तृत जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे गंभीर एप्लास्टिक एनीमिया से पीड़ित पाया।

भाई की जिंदगी बचाने आगे आई बड़ी बहन

डॉक्टरों ने शुरुआत में एंटीबायोटिक दवाओं और ब्लड ट्रांसफ्यूजन के जरिए प्रिंस की हालत संभालने की कोशिश की, लेकिन उसकी जिंदगी बचाने के लिए स्टेम सेल ट्रांसप्लांट जरूरी था। ऐसे मुश्किल वक्त में प्रिंस की बड़ी बहन आगे आई और अपने भाई को स्टेम सेल दान करने का फैसला किया। डॉक्टरों ने बहन की जरूरी जांचें कराईं। अनुकूलता सुनिश्चित होने के बाद प्रिंस को ट्रांसप्लांट के लिए तैयार किया गया।

साढ़े पांच घंटे चली ट्रांसप्लांट प्रक्रिया

कंडीशनिंग कीमोथेरेपी के बाद बहन से लिए गए स्टेम सेल प्रिंस के शरीर में प्रत्यारोपित किए गए। करीब साढ़े पांच घंटे तक चली प्रक्रिया को डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक पूरा किया। इसके बाद प्रिंस को आईसीयू में रखकर लगातार निगरानी की गई। करीब दो सप्ताह बाद बहन से मिले स्टेम सेल ने प्रिंस के शरीर में काम करना शुरू कर दिया। उसके न्यूट्रोफिल और प्लेटलेट्स में तेजी से सुधार दिखाई देने लगा। हालत बेहतर होने के बाद उसे प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन की जरूरत भी नहीं पड़ी।

तीन सप्ताह बाद अस्पताल से मिली छुट्टी

ट्रांसप्लांट के बाद रक्त संबंधी जांच के आंकड़े लगातार बेहतर होते गए। करीब तीन सप्ताह बाद प्रिंस को अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया गया। इसके बाद कई महीनों तक डॉक्टरों ने संक्रमण और ट्रांसप्लांट रिजेक्शन के खतरे को देखते हुए उसकी नियमित निगरानी की और जरूरी दवाएं जारी रखीं।

रक्षाबंधन से पहले मिली सबसे बड़ी खुशखबरी

लंबे इलाज और देखभाल के बाद डॉक्टरों ने प्रिंस के पूरी तरह स्वस्थ होने की जानकारी परिवार को दी। गंभीर बीमारी को मात देकर प्रिंस अब सामान्य जिंदगी की ओर लौट रहा है। उसे आगे केवल निर्धारित अंतराल पर नियमित जांच के लिए अस्पताल बुलाया जाएगा। रक्षाबंधन से ठीक पहले आई यह खुशखबरी भाई-बहन के रिश्ते को और खास बना रही है। जिस बहन की कलाई पर भाई रक्षा का वचन देता है, उसी बहन ने अपने स्टेम सेल देकर भाई को जिंदगी का अनमोल तोहफा दे दिया।

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