बरेली। यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में रिश्वतखोरी का बड़ा मामला सामने आया है। इंटर की मार्कशीट में मां का नाम ठीक कराने के लिए छात्रा से 10 हजार रुपये मांगना वरिष्ठ सहायक नावेद को भारी पड़ गया। गुरुवार को विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर उसे रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। उसके पास से 10 हजार रुपये भी बरामद किए गए।
छात्रा प्रिया की इंटरमीडिएट की मार्कशीट में उसकी मां का नाम ‘सुनीता’ की जगह ‘उनीता’ दर्ज हो गया था। गलती ठीक कराने के लिए प्रिया यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंची और आवेदन किया। उसे उम्मीद थी कि मामूली गलती आसानी से ठीक हो जाएगी, लेकिन मामला कार्यालय के चक्कर काटने तक पहुंच गया।
काम नहीं हुआ, उल्टा मांग ली रिश्वत
प्रिया के मुताबिक, वह नाम ठीक कराने के लिए कई बार कार्यालय गई, लेकिन उसका काम नहीं हुआ। इसी दौरान वरिष्ठ सहायक नावेद ने नाम सुधारने के बदले उससे 10 हजार रुपये की मांग कर दी। छात्रा लगातार चक्कर लगाकर परेशान हो चुकी थी। रिश्वत की मांग से परेशान छात्रा ने विजिलेंस के एसपी अरविंद कुमार से शिकायत कर दी। शिकायत के बाद मामले की जांच की गई। आरोप सही पाए जाने पर विजिलेंस टीम ने नावेद को पकड़ने के लिए ट्रैप की तैयारी कर ली।
पैसे हाथ में आते ही विजिलेंस ने दबोचा
गुरुवार को विजिलेंस टीम ने यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में जाल बिछाया। जैसे ही छात्रा ने नावेद को 10 हजार रुपये दिए, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई। कार्रवाई होते ही कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। विजिलेंस की कार्रवाई के बाद यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में हड़कंप मच गया। आरोपी वरिष्ठ सहायक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।