बरेली। नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स की कम वसूली और बिल बांटने में लापरवाही पर नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने सख्ती दिखाई है। समीक्षा बैठक में कर समाहर्ता विशाल जौहरी का काम संतोषजनक नहीं मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं, कुछ आउटसोर्स कर्मचारियों की आईडी में गड़बड़ी मिलने पर जांच के आदेश दिए गए हैं।
शुक्रवार को नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने शासन की ओर से लागू संपत्ति कर की एकमुश्त समाधान योजना (OTS) का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को दिए। सभी जोनल अधिकारियों से कहा गया कि अपने क्षेत्रों में शत-प्रतिशत बिल वितरण सुनिश्चित करें, ताकि भवन स्वामी वर्तमान में मिल रही छूट और OTS का लाभ उठा सकें। समीक्षा के दौरान कर समाहर्ता विशाल जौहरी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। प्रेस नोट के मुताबिक बैठकों में प्रतिभाग नहीं करने के साथ उनके क्षेत्र में बिल वितरण और कर वसूली न्यूनतम पाई गई। इस पर नगर आयुक्त ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
आउटसोर्स कर्मचारियों की ID में मिसमैच, होगी जांच
बैठक में कुछ आउटसोर्स कर्मचारियों की आईडी में मिसमैच का मामला भी सामने आया। नगर आयुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्य कर निर्धारण अधिकारी और संबंधित जोनल अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। संपत्तियों के नामांतरण के लंबित मामलों को भी समयबद्ध तरीके से निस्तारित करने को कहा गया है। प्राप्त आवेदनों पर प्रत्येक 15 दिन में विज्ञप्ति जारी होगी, ताकि नामांतरण प्रक्रिया बेवजह न लटके। इसके साथ ही ऑनलाइन नामांतरण प्रक्रिया की ट्रेनिंग संपत्ति कर विभाग के सभी कर्मचारियों को दी जाएगी।
जोनल ऑफिस में ही होगा शिकायतों का समाधान
नगर आयुक्त ने सभी जोनल अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम दो दिन अपने जोनल कार्यालय में बैठकर जनसुनवाई करने और शिकायतों का निस्तारण करने के निर्देश दिए। कोशिश होगी कि लोगों को छोटी-छोटी शिकायतों के लिए नगर निगम के मुख्य कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें। जीआईएस सर्वे के बाद नया बिल जारी होने के बावजूद जिन भवन स्वामियों के पास पुराने भुगतान की रसीदें मौजूद हैं, ऐसे मामलों का तत्काल निस्तारण किया जाएगा। जोनल अधिकारी इसकी हर सप्ताह समीक्षा करेंगे और बैठक का कार्यवृत्त नगर आयुक्त व मुख्य कर निर्धारण अधिकारी कार्यालय को भेजेंगे।