उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में मंगलवार सुबह करीब दस बजे ऐसा दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। बिहार थाना क्षेत्र के कीरतपुर के पास ओवरटेक करने की कोशिश में एक बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर डंपर से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो खंती में पलट गई और पीछे आ रहा गिट्टी लदा ट्रक भी हादसे का शिकार हो गया। इस भयावह दुर्घटना में तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसे के बाद चीख-पुकार और अफरा-तफरी का ऐसा मंजर था कि राहगीरों की रूह कांप उठी।
ओवरटेक की कोशिश बनी मौत की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बोलेरो वाहन बक्सर की दिशा से आ रहा था और जैसे ही वह कीरतपुर के पास पहुंचा, चालक ने आगे चल रहे गिट्टी लदे डंपर को ओवरटेक करने की कोशिश की। इसी दौरान सामने से आ रहे भारी वाहन को देखकर चालक घबरा गया और उसने अचानक वाहन पर नियंत्रण खो दिया। कुछ ही सेकंड में बोलेरो डंपर से टकराई, फिर सड़क किनारे खंती में पलट गई। हादसे की रफ्तार इतनी तेज थी कि पीछे से आ रहा गिट्टी लदा ट्रक भी संतुलन खो बैठा और पलट गया। सड़क पर मलबा, गिट्टी और क्षतिग्रस्त वाहनों का ढेर लग गया।
तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत
इस हादसे में बोलेरो में सवार तीन महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के बाद वाहन के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने में स्थानीय लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक कुछ घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया जा सकता है।
चीख-पुकार, खून और मलबे के बीच बचाव कार्य
हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। घायल लोगों को वाहन से निकालकर सड़क किनारे लिटाया गया और एंबुलेंस को सूचना दी गई। कुछ ही देर में पुलिस और राहत टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने तत्काल घायलों को अस्पताल भिजवाया और सड़क से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने का काम शुरू किया। इस दौरान कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
पुलिस ने शुरू की जांच, शव भेजे पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने हालात को काबू में करते हुए मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह ओवरटेक के दौरान नियंत्रण खोना बताया जा रहा है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा, घायलों के इलाज पर फोकस
घटना के बाद प्रशासन भी हरकत में आ गया। क्षेत्राधिकारी बीघापुर मधुपनाथ मिश्रा ने बताया कि हादसा सुबह करीब दस बजे हुआ, जिसमें तीन महिलाओं की मौत हुई है और छह लोग घायल हैं। उन्होंने कहा कि घायलों के इलाज की पूरी व्यवस्था की जा रही है और जरूरत पड़ने पर उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्रों में भेजा जाएगा। प्रशासन की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
एक चूक, कई घरों में मातम
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। महज कुछ सेकंड की जल्दबाज़ी और ओवरटेक की लापरवाही ने तीन जिंदगियां छीन लीं और कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज रफ्तार और गलत ओवरटेकिंग सड़क हादसों की बड़ी वजह बनती जा रही है। ऐसे में सख्त नियमों के साथ-साथ लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।