जयपुर/दौसा। राजस्थान में संगठित अपराधियों के खिलाफ चल रहे बड़े अभियान के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। Rajasthan Police की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स यानी AGTF ने पंजाब में रंगदारी और फायरिंग की सनसनीखेज वारदात में शामिल एक फरार शूटर को दौसा जिले के बांदीकुई से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान चन्द्रप्रकाश शर्मा उर्फ चंदू शर्मा के रूप में हुई है, जो पंजाब के गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़कर रंगदारी और दहशत फैलाने के खेल में शामिल हो गया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। आखिरकार AGTF की तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट के जाल में फंसकर वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
पंजाब में व्यापारी को धमकी, फिर ऑफिस पर बरसाईं गोलियां
मामला पंजाब के नकोदर शहर से जुड़ा हुआ है। पुलिस के अनुसार गैंग ने एक व्यापारी से मोटी रंगदारी मांगी थी। व्यापारी ने रकम देने से इनकार किया तो गैंग के गुर्गों ने 18 जनवरी 2026 को उसके ऑफिस “बक्शी ट्रेवल्स” पर फायरिंग कर इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि ऑफिस के बाहर अचानक गोलियां चलने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। व्यापारी और उसके कर्मचारियों में डर का माहौल बन गया। वारदात के बाद पंजाब पुलिस ने गैंग के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन शुरू किया।
पंजाब पुलिस से मुठभेड़ के बाद फरार हो गया था चंदू
इस मामले में पंजाब पुलिस पहले ही गैंग के तीन अन्य सदस्यों दीपक, अंकित कुमार और हरिजंदर गुप्ता को गिरफ्तार कर चुकी थी। 3 फरवरी को नाकाबंदी के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ भी हुई थी। पुलिस पर फायरिंग के जवाब में की गई कार्रवाई में अंकित और हरिजंदर घायल हो गए थे। लेकिन इसी दौरान चन्द्रप्रकाश उर्फ चंदू पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। इसके बाद वह लगातार राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में छिपता रहा। जांच में सामने आया कि वह जयपुर, दौसा, लालसोट और पारासर धाम जैसे इलाकों में ठिकाने बदल-बदलकर रह रहा था।
एक महीने तक पीछा करती रही AGTF
दिनेश एम.एन. के निर्देश पर AGTF ने आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू किया। पुलिस को लगातार इनपुट मिल रहे थे कि पंजाब की वारदात में शामिल शूटर राजस्थान में छिपा हुआ है। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धांत शर्मा और पुलिस उपाधीक्षक रविंद्र प्रताप सिंह के सुपरविजन में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस निरीक्षक सुनील जांगिड़ के नेतृत्व में टीम लगातार आरोपी की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने आरोपी के मोबाइल लोकेशन, संपर्कों और उसके नेटवर्क पर करीब एक महीने तक निगरानी रखी। टीम को जैसे ही पुख्ता सूचना मिली कि आरोपी बांदीकुई इलाके में मौजूद है, तुरंत दबिश की योजना बनाई गई।
तकनीकी निगरानी से टूटा गैंग का खेल
AGTF की टीम ने तकनीकी इनपुट और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर बांदीकुई में जाल बिछाया। पुलिस ने बेहद गोपनीय तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी को संभलने तक का मौका नहीं मिला। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को पंजाब पुलिस के हवाले कर दिया है। अब पंजाब पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि पूछताछ में गैंग के नेटवर्क, रंगदारी सिंडिकेट और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
विदेश में बैठकर गैंग चला रहा जीशान अख्तर
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी हाल ही में पंजाब के कुख्यात गैंगस्टर जीशान अख्तर के गिरोह से जुड़ा था। पुलिस के मुताबिक जीशान अख्तर फिलहाल विदेश में बैठकर अपना गैंग ऑपरेट कर रहा है। भारत में उसके गुर्गे रंगदारी, धमकी और फायरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि गैंग सोशल मीडिया और इंटरनेट कॉलिंग के जरिए अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा है। व्यापारियों और कारोबारियों को धमकाकर पैसे वसूले जाते हैं। पैसे नहीं देने पर फायरिंग और हमलों के जरिए डर का माहौल बनाया जाता है।
पहली बार अपराध की दुनिया में आया था आरोपी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि चन्द्रप्रकाश उर्फ चंदू का पहले कोई बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। माना जा रहा है कि वह हाल ही में गैंग के संपर्क में आया और धीरे-धीरे अपराध की दुनिया में शामिल हो गया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी को गैंग से किसने जोड़ा और राजस्थान में उसके मददगार कौन-कौन थे। जांच एजेंसियां उसके आर्थिक लेन-देन और संपर्कों की भी जांच कर रही हैं।
AGTF की कार्रवाई से गैंगस्टरों में हड़कंप
राजस्थान पुलिस की इस कार्रवाई के बाद गैंगस्टर नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। पिछले कुछ महीनों से AGTF लगातार फरार अपराधियों, गैंगस्टरों और रंगदारी नेटवर्क पर शिकंजा कस रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राज्य को अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने दिया जाएगा। इस पूरी कार्रवाई में AGTF के प्लाटून कमांडर सोहन सिंह, हेड कांस्टेबल महेश सोमरा, होशियार सिंह, प्रवीण कुमार, महावीर सिंह, कांस्टेबल जितेन्द्र कुमार और दौसा जिला DST टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि चंदू की गिरफ्तारी के बाद गैंग के कई बड़े राज सामने आ सकते हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि राजस्थान और पंजाब में गैंग का नेटवर्क कितना बड़ा है और किन लोगों से इसकी सांठगांठ है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।