बरेली। त्योहारी और शादी के सीजन में विभागीय जांच से कारोबार प्रभावित होने की चिंता जताते हुए राष्ट्र जागरण उद्योग व्यापार मंडल ने मुख्यमंत्री से व्यापारियों को राहत देने की मांग की है। संगठन ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में जीएसटी सर्वे, खाद्य विभाग की जांच और यूपीआई लेनदेन से जुड़े शुल्क का मुद्दा उठाया है।
पांच अक्टूबर के ज्ञापन में संगठन ने कहा कि व्यापारी लंबे समय से मंदी का सामना कर रहे हैं। इस वर्ष अत्यधिक बारिश से भी कारोबार को आर्थिक नुकसान हुआ है। ऐसे में अनावश्यक जांच और विभागीय कार्रवाई उनकी परेशानी बढ़ा सकती है। सरकार को व्यापारियों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए राहत देने वाले कदम उठाने चाहिए।
त्योहारी सीजन के बाद हो जीएसटी की जांच
व्यापार मंडल ने त्योहारी सीजन में जीएसटी विभाग के सर्वे और जांच की कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि किसी व्यापारी के संबंध में ठोस सूचना मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई त्योहारी सीजन समाप्त होने के बाद की जा सकती है, ताकि बिक्री के महत्वपूर्ण समय में कारोबार प्रभावित न हो।
मिलावटखोरों पर सख्ती, ईमानदार व्यापारियों को राहत
संगठन ने मिलावटखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कानून और कठोर कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि ईमानदारी से कारोबार करने वाले व्यापारियों को अनावश्यक परेशान नहीं किया जाना चाहिए। त्योहारों और शादी के सीजन में खाद्य विभाग पुख्ता शिकायत या ठोस सूचना के आधार पर ही प्रतिष्ठानों की जांच करे।
यूपीआई शुल्क का मुद्दा भी उठाया
ज्ञापन में यूपीआई लेनदेन से जुड़े एमडीआर यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट के विषय पर भी पुनर्विचार की मांग रखी गई है। संगठन ने छोटे और मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़ने देने का आग्रह किया है। व्यापार मंडल ने मुख्यमंत्री से इन मांगों पर विचार कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने की अपील की है।