UP NEWSपशुओं से भरी गाड़ी पकड़े जाने के बाद मौके पर जांच करती पुलिस टीम।

बरेली। फतेहगंज पश्चिमी इलाके में पशुओं से भरी दो गाड़ियां पकड़े जाने से सोमवार को खलबली मच गई। गाड़ियों में भैंसों के साथ काफी संख्या में गायें मिलने की बात सामने आई है। आरोप है कि गायों को भैंसों के बीच छिपाकर ले जाया जा रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी संख्या में पशु कहां से लोड किए गए और उन्हें कहां ले जाया जा रहा था।

मामला फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र का है। यहां पशुओं से लदी दो गाड़ियों को पकड़ा गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक वाहनों में भैंसें भरी हुई थीं, लेकिन उनके बीच गायें भी मिलीं। इसके बाद मामला गंभीर हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों गाड़ियों को कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी। पशुओं की संख्या और वाहनों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

शंका के पास की फैक्ट्री से जुड़ा नाम, अभी पुष्टि नहीं

गाड़ियां पकड़े जाने के बाद इलाके में इनके कनेक्शन को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गईं। सूचना सामने आई कि पशुओं को फतेहगंज पश्चिमी के शंका के पास स्थित हाजी शकील कुरैशी से जुड़ी बताई जा रही फैक्ट्री से लोड किया गया था। हालांकि इस दावे की अभी पुलिस की ओर से पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में गाड़ियों के वास्तविक लोडिंग प्वाइंट को लेकर स्थिति साफ होना बाकी है।

मारिया फ्रोजन के मैनेजर बोले- हमारी न फैक्ट्री, न गाड़ियां

मामले में मारिया फ्रोजन का नाम सामने आने पर कंपनी के मैनेजर ईशान ने पूरे दावे को गलत बताया। उन्होंने कहा कि पकड़ी गई गाड़ियों का मारिया फ्रोजन से कोई संबंध नहीं है। ईशान के मुताबिक, यह झूठी खबर है। हमारी फैक्ट्री फतेहगंज पश्चिमी में है ही नहीं और पकड़ी गईं दोनों गाड़ियां भी हमारी नहीं हैं।

अब पुलिस की जांच खोलेगी गाड़ियों का पूरा राज

दो गाड़ियों में भैंसों के साथ गायें मिलने के बाद पुलिस के सामने कई सवाल हैं। वाहन किसके हैं, पशु कहां से लोड किए गए, उन्हें कहां पहुंचाया जाना था और परिवहन के लिए जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं, इन बिंदुओं की जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी। फिलहाल फैक्ट्री से कनेक्शन का दावा सामने आया है, जबकि संबंधित पक्ष ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है।

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