बरेली। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल श्री योगेन्द्र डिमरी ने की। इस दौरान जिलाधिकारी अविनाश सिंह की मौजूदगी में डिजास्टर प्लानिंग स्टाफ के साथ आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
आपदा के समय त्वरित राहत पर जोर, अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश
बैठक में आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों से आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी से संचालित करने, विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
डीएम अविनाश सिंह की मौजूदगी में तैयारियों की समीक्षा
जिलाधिकारी अविनाश सिंह की मौजूदगी में हुई समीक्षा के दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों और डिजास्टर प्लानिंग स्टाफ की जिम्मेदारियों पर भी चर्चा हुई। आपातकालीन स्थिति में प्रशासनिक स्तर पर सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और राहत कार्यों के प्रभावी संचालन के लिए समन्वित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेन्द्र डिमरी ने कंट्रोल रूम की परखी व्यवस्था
बैठक के बाद उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेन्द्र डिमरी ने कलेक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम का भ्रमण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं और आपदा के दौरान सूचना एवं समन्वय की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। इस दौरान आपातकालीन परिस्थितियों में कंट्रोल रूम की भूमिका को प्रभावी बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
आपदा की सूचना से राहत तक तेज हो समन्वय
उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में सूचना प्राप्त होने के बाद संबंधित विभागों के बीच त्वरित एवं प्रभावी समन्वय स्थापित हो। राहत एवं बचाव कार्यों में अनावश्यक देरी न हो और प्रशासनिक मशीनरी तत्काल सक्रिय होकर परिस्थितियों के अनुरूप कार्रवाई करे। बैठक में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक सक्रिय और समन्वित रखने पर जोर दिया गया।
कंट्रोल रूम बने तत्काल प्रतिक्रिया का केंद्र
निरीक्षण के दौरान आपदा की स्थिति में कंट्रोल रूम से सूचनाओं के आदान-प्रदान और विभिन्न विभागों के साथ समन्वय को प्रभावी बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया। प्रशासन का फोकस आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर तालमेल और राहत कार्यों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने पर रहा।