बरेली। तीसरे सालाना उर्स-ए-सकलैनी के आखिरी दिन गुरुवार को दरगाह-ए-सकलैनिया शरीफ पर जायरीन का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही बड़ी संख्या में अकीदतमंद दरगाह पहुंचने लगे। भीड़ इतनी बढ़ी कि कुतुबखाना, बड़ा बाजार, कोहाड़ापीर, ब्रह्मपुरा और नैनीताल रोड तक इसका असर दिखाई दिया। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे जायरीन ने कुल शरीफ में शिरकत की।
उर्स के आखिरी दिन की शुरुआत फज्र की नमाज के बाद कुरआनख्वानी से हुई। इसके बाद दरगाह पर जायरीन की आमद बढ़ती चली गई। सुबह करीब 11 बजे सज्जादानशीन हजरत शाह मोहम्मद गाजी मियां हुजूर ने कुल शरीफ की रस्म अदा कराई। इस दौरान बड़ी संख्या में उलमा, मशायख और अकीदतमंद मौजूद रहे। कुल शरीफ के बाद सज्जादानशीन हजरत गाजी मियां हुजूर ने जायरीन और मुरीदीन के लिए खास दुआ कराई। देश-प्रदेश और शहर में अमन-चैन, आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ लोगों की सलामती और खुशहाली के लिए दुआ मांगी गई।
उलमा ने दी मोहब्बत और भाईचारे की सीख
कुल शरीफ में मौजूद उलमा ने साहिब-ए-उर्स हजरत शाह मोहम्मद सकलैन मियां हुजूर की रूहानी और सामाजिक शिक्षाओं पर बात रखी। उन्होंने कहा कि खानकाह से हमेशा मोहब्बत, इंसानियत, एकता और जरूरतमंदों की मदद का संदेश दिया गया। अकीदतमंदों से इन शिक्षाओं को अपनी जिंदगी में उतारने और समाज में भाईचारा कायम रखने की अपील की गई। उर्स इंतजामिया कमेटी ने आयोजन के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था समेत साफ-सफाई में सहयोग के लिए पुलिस और प्रशासन का आभार जताया। कमेटी के मुताबिक, उर्स के दौरान बड़ी संख्या में जायरीन की आमद के बावजूद व्यवस्थाएं संभालने में पुलिस-प्रशासन का सहयोग मिला।
उर्स की खबरें लोगों तक पहुंचाने पर मीडिया का शुक्रिया
कमेटी ने उर्स की गतिविधियों को लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का भी आभार जताया। कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि मीडिया के जरिए उर्स से जुड़े कार्यक्रम और उसका संदेश बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचा। उर्स के दौरान कमेटी के कार्यकर्ताओं और वालंटियर्स ने जायरीन की सुविधा के लिए कई जिम्मेदारियां संभालीं। भीड़ प्रबंधन, साफ-सफाई और लंगर समेत दूसरी व्यवस्थाओं में कार्यकर्ताओं ने योगदान दिया। हाजी इंतिजार सकलैनी, हाजी लतीफ सकलैनी, मेराज मन्ना सकलैनी, मुक़ीत सकलैनी, निजाम सकलैनी, उस्मान सकलैनी, अकरम सकलैनी, आफताब आलम, खुर्रम सकलैनी, राजा सकलैनी, शावेज सकलैनी समेत अन्य लोगों ने व्यवस्थाओं में सहयोग किया।