बरेली। चीनी के बढ़ते दामों के बीच जमाखोरी की आशंका को देखते हुए पूर्ति विभाग ने शहर में थोक और फुटकर कारोबारियों के गोदामों की औचक जांच की। टीम ने गोदामों में मौजूद चीनी का स्टॉक देखा और स्टॉक रजिस्टर से उसका मिलान किया। कारोबारियों को साफ चेतावनी दी गई कि तय सीमा से अधिक चीनी का भंडारण मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
4 हजार क्विंटल से ज्यादा स्टॉक पर रोक
जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि 20 अगस्त को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में चीनी कारोबारियों के स्टॉक की सीमा तय करने की जानकारी दी गई थी। आदेश के मुताबिक कोई भी चीनी व्यापारी 4 हजार क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकता। इससे ज्यादा मात्रा मिलने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गोदामों में जांच, नहीं मिला तय सीमा से ज्यादा स्टॉक
स्टॉक सीमा की निगरानी के निर्देश के बाद शुक्रवार को पूर्ति निरीक्षकों के साथ टीम ने कारोबारियों के गोदामों का निरीक्षण किया। स्टॉक रजिस्टर खंगाले गए और मौके पर मौजूद चीनी की मात्रा भी देखी गई। अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान कहीं भी निर्धारित सीमा से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं मिला।
अधिकारी बोले- चीनी की कोई कमी नहीं
जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि जिले में चीनी की कोई कमी नहीं है। लोगों से अपील की गई है कि चीनी की कमी या कीमतों को लेकर फैल रही किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें। जरूरत से ज्यादा खरीदारी कर घरों या दुकानों में अनावश्यक भंडारण से भी बचने को कहा गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
धनिया के दाम दोगुने, गुड़ और बादाम भी महंगे
चीनी के बढ़ते भाव के बीच दूसरे खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी तेजी आई है। पिछले एक महीने में धनिया 90 रुपये से बढ़कर 180 रुपये किलो पहुंच गया। गुड़ और उससे बनने वाला बूरा 50-55 रुपये से बढ़कर करीब 70 रुपये किलो हो गया है। खील के दाम 80 रुपये से बढ़कर 90-95 रुपये किलो और बादाम 920 रुपये से बढ़कर करीब 1,120 रुपये किलो तक पहुंच गया है।
कारोबारी बोले- उत्पादन घटने से बढ़े चीनी के दाम
श्यामगंज के किराना कारोबारी हार्दिक अरोड़ा के मुताबिक चीनी मिलें एथेनॉल उत्पादन बढ़ाने पर ज्यादा जोर दे रही हैं। इससे चीनी का उत्पादन प्रभावित हुआ है और बाजार में कीमतें बढ़ी हैं। वहीं अन्य खाद्य सामग्री के दाम बढ़ने के पीछे परिवहन और पैकेजिंग लागत में इजाफे को वजह बताया जा रहा है।
प्रशासन की नजर स्टॉक और बाजार भाव पर
चीनी की उपलब्धता और बाजार में स्टॉक की स्थिति पर पूर्ति विभाग लगातार नजर रख रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जमाखोरी या तय सीमा से अधिक स्टॉक मिलने पर कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, ताकि बढ़ती कीमतों के बीच बाजार में कृत्रिम कमी की स्थिति न बने।