बरेली। शहर में सड़क से लेकर नाले, पार्क और नगर निगम की बेशकीमती जमीन तक कब्जाने वालों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। नगर निगम ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़े ऑपरेशन का खाका खींच दिया है। सबसे चौंकाने वाला मामला एकता नगर बीडीए कॉलोनी में सामने आया है। यहां कागजों में 9 मीटर चौड़ी सड़क कब्जों की भेंट चढ़कर महज 4 से 5 मीटर की रह गई। अब नोटिस के बाद सड़क को उसकी असली चौड़ाई में लाने की तैयारी है। मंगलवार को नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने संपत्ति और अतिक्रमण विभाग के अफसरों के साथ बैठक कर शहर के कई बड़े कब्जों पर एक साथ कार्रवाई के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया शहर की तस्वीर बदलने वाले सीएम ग्रिड फेज-3 के रास्ते में अतिक्रमण बड़ी चुनौती बन गया है। सर्वे में जहां-जहां सड़क की जमीन पर निर्माण या कब्जा मिला है, वहां अब नोटिस पहुंचेगा। तय प्रक्रिया पूरी होने के बाद अतिक्रमण हटाकर सड़क के लिए पूरी जगह खाली कराई जाएगी। इसके साथ ही सीएम ग्रिड फेज-4 पर भी अभी से काम शुरू होगा। नक्शा लेकर सड़क की जमीन नापी जाएगी और दायरे में आए कब्जे चिह्नित किए जाएंगे। वहीं एकता नगर बीडीए कॉलोनी में गली के निर्माण के दौरान रिकॉर्ड और मौके की स्थिति मिलाई गई तो बड़ा अंतर सामने आया। बीडीए के अभिलेखों में सड़क 9 मीटर चौड़ी है, जबकि मौके पर भवनों के आगे हुए कब्जों के बाद रास्ता कई स्थानों पर महज 4 से 5 मीटर रह गया है। यानी सड़क का बड़ा हिस्सा अतिक्रमण में दब चुका है। अब भवन स्वामियों को नोटिस देकर कब्जे हटवाए जाएंगे। मुख्य अभियंता को इसकी कार्रवाई आगे बढ़ाने को कहा गया है।
ईंट पजाया में 1000 वर्ग गज जमीन होगी कब्जामुक्त
ईंट पजाया चौराहे पर नगर निगम की करीब 1000 वर्ग गज जमीन पर भी कब्जे का मामला सामने आया है। यहां कुछ लोगों ने टीन शेड डालकर जमीन घेर रखी है। निगम अब मौके पर अपनी जमीन की सीमा तय कर अतिक्रमण हटाएगा। इसी तरह संजय नगर में श्मशान भूमि के बराबर नगर निगम की जमीन पर कब्जे की शिकायत मिली है। यहां पहले पैमाइश होगी और फिर जमीन को कब्जामुक्त कर सुरक्षित किया जाएगा। इसके अलावा वार्ड-56 कुंवरपुर का मामला और गंभीर है। यहां नगर निगम की जमीन पर कब्जे की शिकायत के साथ बाउंड्री पोल उखाड़ने की बात भी सामने आई है। निगम अब तहसील की टीम बुलाकर जमीन की पैमाइश कराएगा। जमीन पर कब्जा मिलने पर उसे खाली कराया जाएगा, जबकि बाउंड्री पोल उखाड़ने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सड़क के बीच लगे बिजली के पोल होंगे शिफ्ट
वार्ड-10 मुंशीनगर में नहर किनारे की सड़क पर अलग तरह की परेशानी सामने आई है। यहां बिजली के पोल सड़क के बीच खड़े हैं। इससे रास्ता बाधित हो रहा है। नगर निगम बिजली विभाग के साथ मिलकर इन पोलों को सड़क के किनारे शिफ्ट कराएगा। नैनीताल रोड पर GRM स्कूल के बराबर अंदर जाने वाली सड़क पर भी कब्जे मिले हैं। यहां सड़क की वास्तविक सीमा चिह्नित कर अतिक्रमण करने वालों को नोटिस देने की तैयारी है। वहीं शहर की जल निकासी में बाधा बन रहे नालों के अतिक्रमण पर भी निगम की नजर टेढ़ी हो गई है। वार्ड-44 और वार्ड-67 में नालों पर कब्जे चिह्नित कर उन्हें हटाने को कहा गया है। इसके बाद अभियान पूरे शहर में चलेगा। इंजीनियर अपने-अपने इलाके में नालों का निरीक्षण कर देखेंगे कि कहां पक्का या अस्थायी कब्जा है। कब्जेदारों को नोटिस देकर जगह खाली कराई जाएगी, ताकि बारिश के दौरान नालों की सफाई और पानी की निकासी अतिक्रमण में न फंसे।
पार्क बने निजी पार्किंग तो भी खैर नहीं
कई इलाकों में सार्वजनिक पार्क भी कब्जे और निजी पार्किंग की चपेट में आ गए हैं। कहीं पार्क का हिस्सा घेर लिया गया है तो कहीं गाड़ियां खड़ी कर सार्वजनिक जगह को पार्किंग की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। अब उद्यान विभाग ऐसे पार्कों की पहचान करेगा। सूची तैयार होने के बाद पार्कों से अतिक्रमण और अवैध पार्किंग हटाने की कार्रवाई होगी। मठ कमल नयनपुर में बन रहे नाले के रास्ते में आ रहे कब्जे और दूसरे अवरोध भी कार्रवाई की जद में होंगे। निगम पहले इन्हें चिह्नित कर नोटिस देगा और इसके बाद नाला निर्माण के लिए रास्ता साफ कराया जाएगा। निगम का फोकस ऐसे निर्माण कार्यों पर है, जो अतिक्रमण की वजह से अटके या प्रभावित हो रहे हैं।
अब आसमान से दिखेंगे किला नदी के कब्जे, होगा एरियल सर्वे
अतिक्रमण के खिलाफ सबसे बड़ी कवायद किला नदी को लेकर होने जा रही है। नदी और उसके आसपास की जमीन का एरियल सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद तहसील की टीम के साथ राजस्व रिकॉर्ड मिलाकर देखा जाएगा कि नदी की जमीन और उसके दायरे में कहां-कहां कब्जा हुआ है। पूरे इलाके की विस्तृत रिपोर्ट तैयार होगी। इससे किला नदी के किनारे वर्षों से बने कब्जों की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। नगर निगम की इस कवायद में इस बार केवल सड़क किनारे लगे ठेले या अस्थायी कब्जे निशाने पर नहीं हैं। सीएम ग्रिड की सड़कें, नगर निगम की जमीन, नाले, पार्क, श्मशान भूमि के पास की संपत्ति और किला नदी का क्षेत्र भी अभियान के दायरे में हैं। पहले पैमाइश और नोटिस की प्रक्रिया होगी और उसके बाद कब्जे हटाने का अभियान शुरू किया जाएगा।