बरेली। फरीदपुर में तालाब में घुसी भैंस को बाहर निकालने के लिए पानी में उतरे मासूम की डूबने से मौत हो गई। किशोर को डूबता देखकर साथ में पशु चरा रहा बच्चा गांव की ओर दौड़ा और परिजनों को खबर दी। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद अकांशू को तालाब से निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।
गांव कीरत धीरी निवासी पुष्पेंद्र का 14 वर्षीय बेटा अकांशू सोमवार को गाय-भैंस चराने निकला था। गांव से करीब 100 मीटर दूर खेतों में वह पशु चरा रहा था। उसके साथ गांव का ही 13 वर्षीय छोटू भी अपने पशु लेकर गया था। ग्रामीणों के मुताबिक शाम के समय अकांशू की भैंस पास के तालाब में घुस गई। काफी देर तक भैंस बाहर नहीं निकली तो अकांशू उसे निकालने के लिए खुद तालाब में उतर गया।
गहरे पानी में पहुंचते ही डूबने लगा
भैंस तक पहुंचने की कोशिश में अकांशू गहरे पानी में चला गया और अचानक डूबने लगा। उसे पानी में संघर्ष करते देखकर छोटू घबरा गया। वह तत्काल गांव की ओर दौड़ा और अकांशू के परिजनों को घटना की जानकारी दी। खबर मिलते ही परिवार के लोग और ग्रामीण तालाब की ओर दौड़ पड़े। कई ग्रामीण पानी में उतरे और अकांशू की तलाश शुरू कर दी।
मशक्कत के बाद मिला शव, परिवार में कोहराम
काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने अकांशू को तालाब से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बेटे का शव देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अकांशू कक्षा आठ का छात्र था और तीन भाइयों में मंझला था। उसके पिता पुष्पेंद्र मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पशु को तालाब से निकालने की कोशिश में किशोर की जान चले जाने से परिवार के साथ पूरे गांव में मातम पसरा है।