बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में इस बार बीफार्मा पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब बीफार्मा में दाखिला केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (CUET) के स्कोर के आधार पर दिया जाएगा। सीयूईटी का परिणाम 23 जून को जारी हो चुका है, जबकि आवेदन प्रक्रिया 30 जून तक चलेगी। इसके बाद विश्वविद्यालय काउंसलिंग शुरू करेगा।
60 सीटों पर 180 से अधिक आवेदन
बीफार्मा की 60 सीटों के लिए अब तक 180 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। विभागाध्यक्ष प्रो. केके महेश्वरी ने बताया कि इस बार अभ्यर्थियों ने 12वीं के अंकों और सीयूईटी स्कोर दोनों के आधार पर आवेदन किया है। हालांकि, प्रवेश में पहली वरीयता सीयूईटी स्कोर को दी जाएगी। यदि इसके बाद भी सीटें खाली रहती हैं तो 12वीं की मेरिट के आधार पर काउंसलिंग कर प्रवेश दिए जाएंगे।
बीफार्मा की फीस 83,510 रुपये
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार बीफार्मा पाठ्यक्रम की वार्षिक फीस 83,510 रुपये निर्धारित की गई है। वहीं एमफार्मा में प्रवेश के लिए सबसे पहले ग्रेजुएट फार्मेसी एप्टीट्यूड टेस्ट (GPAT) के स्कोर को प्राथमिकता मिलेगी। इसके बाद सीयूईटी-पीजी स्कोर के आधार पर प्रवेश होंगे। यदि सीटें खाली रह जाती हैं तो बीफार्मा के अंकों के आधार पर काउंसलिंग की जाएगी। विश्वविद्यालय में फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री, फार्मास्यूटिक्स और केमिकल फार्माकोलॉजी विषयों में एमफार्मा कराया जाता है।
25 जुलाई तक पूरी करनी होगी प्रवेश प्रक्रिया
रुहेलखंड विश्वविद्यालय में परास्नातक पाठ्यक्रमों के लिए भी आवेदन 30 जून तक लिए जा रहे हैं। अन्य पाठ्यक्रमों की काउंसलिंग की तिथियां भी आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद घोषित की जाएंगी। विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार सभी प्रवेश प्रक्रियाएं 25 जुलाई तक पूरी करनी हैं। ऐसे में एक महीने से भी कम समय में पूरी दाखिला प्रक्रिया संपन्न कराना विश्वविद्यालय के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। प्रवेश प्रभारी एस.के. पांडेय ने बताया कि परास्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश स्नातक की मेरिट के आधार पर होंगे। इसके लिए अंतिम सेमेस्टर के परिणाम आवश्यक हैं। स्नातक के अंतिम सेमेस्टर के नतीजे जल्द जारी होने की उम्मीद है, जिसके बाद पीजी पाठ्यक्रमों की काउंसलिंग शुरू की जाएगी।