bareillyमेडिकल स्टोर पर दवाई जांचती टीम।

बरेली। ब्लिंकिट से ऑनलाइन दवा मंगाने के बाद औषधि विभाग ने बुधवार को नेकपुर के उस मेडिकल स्टोर पर छापा मारा, जहां से दवा भेजी गई थी। जांच में दवाओं के स्टॉक, बिल और रिकॉर्ड में कई गड़बड़ियां मिलीं। पांच तरह की दवाओं में भी अंतर मिला। इसके बाद मेडिकल स्टोर से दवाओं की खरीद-बिक्री रोक दी गई।

सहायक आयुक्त औषधि संदीप कुमार ने मंगलवार को ब्लिंकिट से ऑनलाइन दवा मंगाई थी। बुधवार को वह औषधि निरीक्षक राजेश कुमार के साथ सुभाषनगर थाना क्षेत्र के नेकपुर स्थित मेसर्स मूनस्टोन वेंचर एलएलपी पहुंचे। इसी मेडिकल स्टोर से ब्लिंकिट के जरिए दवाएं बेची जा रही थीं। टीम ने रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट विजय कुमार की मौजूदगी में लाइसेंस, दवाओं के स्टॉक और खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड देखा।

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जांच करते अधिकारी।

पांच तरह की दवाओं में मिला अंतर

दवाओं का स्टॉक और रिकॉर्ड मिलाया गया तो पांच तरह की एलोपैथिक दवाओं में अंतर मिला। इसके बाद टीम ने बिल और कंप्यूटर में दर्ज रिकॉर्ड की भी जांच की। जांच में बिक्री के बिल पर फॉर्म-21 का जिक्र नहीं मिला। बिल पर फर्म का पता भी सही नहीं था। डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर भी दर्ज नहीं मिला। वहीं शेड्यूल H1 दवाओं का रजिस्टर अपडेट नहीं मिला। एक्सपायरी दवाओं को अलग रखने की सही व्यवस्था भी नहीं थी। दवाओं की लेबलिंग और रिकॉर्ड में भी कमियां मिलीं। कंप्यूटर में दवाओं की एंट्री बैच नंबर के हिसाब से नहीं मिली। दवाओं को सही तापमान पर रखने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे फ्रिज के संचालन में भी कमी मिली।

मेडिकल स्टोर पर दवाओं की बिक्री रोकी

जांच में कई गड़बड़ियां मिलने के बाद टीम ने मेसर्स मूनस्टोन वेंचर एलएलपी में दवाओं की खरीद और बिक्री अगले आदेश तक रोक दी है। जांच की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। इसी के आधार पर मेडिकल स्टोर के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय होगी। सहायक आयुक्त औषधि संदीप कुमार ने बताया कि ब्लिंकिट से दवा मंगाने के बाद संबंधित मेडिकल स्टोर की जांच की गई। कई कमियां मिलने पर दवाओं की खरीद-बिक्री रोक दी गई है।

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