बरेली। शहर में बेसमेंट में संचालित अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को बड़ा अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की। पीलीभीत रोड स्थित केजीएन सहारा हॉस्पिटल को बेसमेंट में संचालित पाए जाने पर सील कर दिया गया। इसके अलावा मौर्य हॉस्पिटल समेत कई अस्पतालों में बेसमेंट में चल रही ओटी, आईसीयू, पैथोलॉजी लैब और वार्डों पर भी सील लगा दी गई। कार्रवाई से निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया।
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के निर्देश पर गठित टीम ने शहर के विभिन्न निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान नोडल अधिकारी डॉ. अमित कुमार, डॉ. अजय कुमार और डॉ. लईक अंसारी मौजूद रहे। टीम ने अस्पतालों में सुरक्षा मानकों और बेसमेंट के उपयोग की गहन जांच की।
केजीएन सहारा हॉस्पिटल के बेसमेंट पर चला सीलिंग का डंडा
निरीक्षण के दौरान पीलीभीत रोड स्थित केजीएन सहारा हॉस्पिटल का पूरा बेसमेंट अस्पताल संचालन के लिए इस्तेमाल होता मिला। यहां ऑपरेशन थिएटर, पैथोलॉजी लैब और दो वार्ड संचालित पाए गए। सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बेसमेंट में संचालित सभी स्वास्थ्य सेवाओं को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। अभियान के दौरान मौर्य हॉस्पिटल के बेसमेंट में भी ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू संचालित पाए गए। जांच टीम ने इन्हें भी नियमानुसार सील कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मरीजों की सुरक्षा से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अब गांवों तक पहुंचेगा अभियान, नहीं बख्शे जाएंगे नियम तोड़ने वाले
नोडल अधिकारी डॉ. अमित कुमार ने बताया कि अभियान केवल शहर तक सीमित नहीं रहेगा। जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों और निजी स्वास्थ्य संस्थानों की भी सघन जांच होगी। जहां भी बेसमेंट में अस्पताल संचालन या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलेगा, वहां नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की लगातार सख्ती से निजी अस्पताल संचालकों में खलबली मच गई है। विभाग ने साफ कर दिया है कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अग्नि सुरक्षा व भवन मानकों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।