Health News: शरीर में पानी की कमी सिर्फ प्यास ही नहीं बढ़ाती, बल्कि इसका सीधा असर दिमाग की कार्यक्षमता पर भी पड़ता है। विभिन्न शोधों के अनुसार यदि शरीर में केवल 1 से 2 प्रतिशत तक पानी की कमी हो जाए तो दिमाग के इलेक्ट्रिकल और केमिकल सिग्नल प्रभावित होने लगते हैं। इससे सोचने, समझने, याद रखने और सही निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो सकती है।

डिहाइड्रेशन से पोषण नहीं पहुंचा पाता दिमाग

विशेषज्ञों के अनुसार पानी शरीर में विटामिन और जरूरी पोषक तत्वों को दिमाग तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब शरीर में पानी की कमी होती है तो मस्तिष्क को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता, जिससे उसकी कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है।

इलेक्ट्रिकल और केमिकल सिग्नल भी होते हैं प्रभावित

मानव मस्तिष्क की अरबों नर्व सेल्स एक-दूसरे को इलेक्ट्रिकल और केमिकल सिग्नल के जरिए संदेश भेजती हैं। यही प्रक्रिया याददाश्त, निर्णय लेने, बोलने और शरीर की गतिविधियों को नियंत्रित करती है। डिहाइड्रेशन की स्थिति में इन सिग्नल्स का संचार प्रभावित हो सकता है, जिससे मानसिक प्रदर्शन कमजोर पड़ने लगता है।

ब्रेन की प्राकृतिक सफाई भी हो सकती है प्रभावित

शोध के मुताबिक पानी की कमी से मस्तिष्क का ग्लिम्फैटिक सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर पाता। यह सिस्टम दिमाग से विषैले प्रोटीन और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है। इसकी कार्यक्षमता घटने पर नींद की समस्या, याददाश्त में कमी और अल्जाइमर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

डिहाइड्रेशन से हो सकती हैं ये समस्याएं

  • सोचने, समझने और याद रखने की क्षमता में कमी
  • निर्णय लेने में कठिनाई
  • प्रतिक्रिया देने में अधिक समय लगना
  • मूड स्विंग, तनाव और थकान
  • शरीर में रक्त प्रवाह धीमा होना
  • मानसिक कार्यक्षमता पर नकारात्मक असर

रोज कितना पानी पीना चाहिए?

विशेषज्ञों के अनुसार पानी की जरूरत उम्र और शारीरिक स्थिति के अनुसार अलग-अलग होती है।

  • 1–3 वर्ष: लगभग 1 लीटर
  • 4–8 वर्ष: लगभग 1.18 लीटर
  • 9–13 वर्ष: लगभग 1.65 लीटर
  • 14–18 वर्ष: लगभग 2.6 लीटर
  • 19 वर्ष से अधिक पुरुष: लगभग 3.07 लीटर
  • 19 वर्ष से अधिक महिलाएं: लगभग 2.12 लीटर
  • गर्भवती महिलाएं: लगभग 2.36 लीटर
  • स्तनपान कराने वाली महिलाएं: लगभग 3.07 लीटर

विशेषज्ञों की सलाह

डॉक्टरों का कहना है कि शरीर को हाइड्रेट रखना दिमाग की सेहत के लिए बेहद जरूरी है। नियमित रूप से पर्याप्त पानी पीने की आदत डालें और यदि लगातार थकान, चक्कर, याददाश्त में कमी या मानसिक परेशानी महसूस हो तो चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।

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