up newsकार्रवाई करती टीम

बरेली। लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद बरेली में कोचिंग सेंटरों और होटलों की सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल तेज कर दी गई है। इसी कड़ी में बीडीए का अभियान दूसरे दिन भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहा। कार्रवाई के दौरान टीम ने सपा नेता कलीमुद्दीन की ओमेगा क्लासेस पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया।

बीडीए और फायर विभाग की संयुक्त जांच में राजेंद्र नगर स्थित ओमेगा क्लासेस में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पता चला कि संस्थान के पास न तो बीडीए की अनुमति थी और न ही फायर विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी)। इसके बावजूद यहां बड़ी संख्या में छात्रों को पढ़ाया जा रहा था। अधिकारियों ने मौके पर ही संस्थान को सील कर दिया।

एक कमरे में ठूंस दिए गए थे 150 छात्र

निरीक्षण के दौरान टीम यह देखकर हैरान रह गई कि कोचिंग के एक ही कमरे में करीब 150 छात्रों को बैठाकर कक्षाएं संचालित की जा रही थीं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए छात्रों की जान जोखिम में डाली जा रही थी। किसी भी आपात स्थिति में इतनी बड़ी संख्या में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना बेहद मुश्किल साबित हो सकता था। जांच के दौरान कई ऐसे भवन भी चिन्हित किए गए जो मूल रूप से आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत थे, लेकिन उनमें व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। कई मकानों में बिना अनुमति के कोचिंग सेंटर चल रहे थे, जहां सुरक्षा मानकों का कोई पालन नहीं किया जा रहा था।

एक फीट चौड़ी सीढ़ियां देख चौंके अधिकारी

कई इमारतों में छात्रों के आने-जाने के लिए बनी सीढ़ियां बेहद संकरी मिलीं। कुछ स्थानों पर सीढ़ियों की चौड़ाई एक फीट से भी कम पाई गई। बीडीए उपाध्यक्ष का कहना है कि आग या किसी अन्य दुर्घटना की स्थिति में ऐसे रास्ते छात्रों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। बिना फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास और आवश्यक अनुमतियों के संचालित हो रहे कोचिंग सेंटर छात्रों की जिंदगी से सीधा खिलवाड़ कर रहे हैं। नियमों को ताक पर रखकर संचालक सिर्फ व्यवसायिक लाभ पर ध्यान दे रहे हैं, जबकि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नदारद है।

कई बड़े नाम रडार पर, नोटिस की तैयारी

प्राधिकरण ने ऐसे सभी भवनों और संस्थानों को चिन्हित करना शुरू कर दिया है जो नियमों के विपरीत संचालित हो रहे हैं। जल्द ही भवन स्वामियों और संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। शहर के कई बड़े और चर्चित कोचिंग संस्थान भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पाण्डेय ने स्पष्ट कर दिया है कि छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों को सील करने के साथ-साथ उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। आने वाले दिनों में शहरभर में यह अभियान और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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