बरेली। लखनऊ अग्निकांड के बाद शासन के सख्त निर्देशों पर बीडीए पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले संस्थानों के खिलाफ शुरू हुए अभियान के तहत मंगलवार को बीडीए ने सेटेलाइट बस अड्डा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना वैध अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) संचालित हो रहे रजानी होटल और सेटेलाइट होटल एंड रेस्टोरेंट को सील कर दिया। कार्रवाई के बाद होटल कारोबारियों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में हड़कंप मच गया।
मंगलवार को बीडीए की टीम भारी पुलिस बल के साथ सेटेलाइट बस अड्डा स्थित होटलों पर पहुंची। अधिकारियों ने होटलों के दस्तावेजों और अग्निसुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की गहन जांच की। जांच में आवश्यक एनओसी और सुरक्षा मानकों का अभाव मिलने पर दोनों प्रतिष्ठानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा।
अग्निसुरक्षा में लापरवाही पर कड़ा संदेश
अधिकारियों का कहना है कि लखनऊ की घटना ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है। ऐसे में अग्निसुरक्षा और भवन मानकों की अनदेखी करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। बीडीए की इस कार्रवाई को शहर में सुरक्षा मानकों को लेकर एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
कोचिंग सेंटर, मॉल और व्यावसायिक भवनों की भी जांच
बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडे ने मंगलवार सुबह शहर के कई कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल और व्यावसायिक स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों और व्यवस्थाओं में कई गंभीर कमियां सामने आईं। कई संस्थानों में आवश्यक एनओसी और अन्य दस्तावेज अधूरे पाए गए, जिस पर संचालकों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
सौम्या पांडे ने कहा कि बच्चों और आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी और बिना अनुमति संचालन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
शहर के अन्य होटल और लॉज भी जांच के दायरे में
शहर के कई इलाकों में ऐसे होटल, लॉज और व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं जिनके पास फायर विभाग की एनओसी या स्वीकृत नक्शा नहीं है। बीडीए की टीम ऐसे संस्थानों की सूची तैयार कर रही है और आने वाले दिनों में सीलिंग अभियान और तेज किया जाएगा। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि सुरक्षा मानकों से समझौता करने वालों के खिलाफ अब लगातार कार्रवाई होगी।