गिरिडीह। वॉट्सएप पर गैस बिल अपडेट करने के नाम पर आने वाली APK फाइल आपके बैंक खाते के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। झारखंड के गिरिडीह में साइबर अपराधियों ने ठगी का ऐसा ही जाल बिछा रखा था। आरोपी फर्जी सिम से वॉट्सएप पर गैस बिल अपडेट करने के बहाने APK फाइल भेजते थे। फाइल इंस्टॉल होते ही मोबाइल से संवेदनशील जानकारी हासिल कर बैंक खातों में सेंध लगाई जाती थी। पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गुप्त सूचना पर गांव के पास पुलिस ने मारा छापा
पुलिस अधीक्षक को साइबर अपराधियों के संबंध में गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के तेलोडीह गांव के पास छापेमारी कर दो संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ के बाद उनकी पहचान संतोष मंडल और छोटू कुमार मंडल के रूप में हुई।
गैस बिल अपडेट के बहाने भेजते थे APK फाइल
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर वॉट्सएप नंबर चलाते थे। इसके बाद लोगों को गैस बिल अपडेट करने के नाम पर APK फाइल या लिंक भेजा जाता था। झांसे में आकर कोई व्यक्ति फाइल इंस्टॉल कर लेता तो उसके मोबाइल की संवेदनशील जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंचने का खतरा पैदा हो जाता था। इसी का फायदा उठाकर आरोपी बैंक खातों से ठगी करते थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। साथ ही उनके संपर्क में रहे अन्य लोगों और पूरे साइबर नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
पांच मोबाइल और पांच सिम बरामद
साइबर डीएसपी आरके राणा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन और पांच सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। इन मोबाइल और सिम की जांच कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इनके जरिए कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया और नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
मुख्य आरोपी पहले भी जा चुका है जेल
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी संतोष मंडल का साइबर अपराध से पुराना नाता रहा है। डीएसपी के मुताबिक वह वर्ष 2019 और 2025 में दर्ज साइबर ठगी के मामलों में भी जेल जा चुका है। जेल से बाहर आने के बाद उसके दोबारा साइबर ठगी में सक्रिय होने की बात सामने आई है। साइबर पुलिस की अपील: डीएसपी आरके राणा ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान नंबर से वॉट्सएप पर भेजी गई APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। गैस बिल, बिजली बिल, बैंक KYC या किसी अन्य सेवा को अपडेट करने के नाम पर आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। संदेह होने पर संबंधित कंपनी के आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि करें और साइबर पुलिस को सूचना दें।