बरेली। नशे के कारोबार के खिलाफ बरेली पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। ऑपरेशन दहन अभियान के तहत जिले के विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों में जब्त किए गए करोड़ों रुपये मूल्य के मादक पदार्थों का विनिष्टीकरण कराया गया है। अब तक 711 मुकदमों में बरामद 4632.5 किलोग्राम मादक पदार्थ नष्ट किए जा चुके हैं। इनकी अनुमानित कीमत 173 करोड़ 53 लाख 28 हजार 51 रुपये आंकी गई है।
एसपी उत्तरी मुकेश चंद मिश्रा ने बताया कि एक मार्च से 30 जून तक प्रदेशभर में मादक पदार्थों के विनिष्टीकरण के लिए ऑपरेशन दहन चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत बरेली में जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में बड़ी मात्रा में जब्त मादक पदार्थों को नष्ट कराया गया। अभियान के दौरान विभिन्न थानों में दर्ज मामलों से संबंधित जब्त सामग्री को चिन्हित कर नियमानुसार विनिष्टीकरण की प्रक्रिया पूरी की गई।
711 मुकदमों से जुड़ी थी जब्त सामग्री
एसपी उत्तरी के अनुसार नष्ट किए गए मादक पदार्थ 711 अलग-अलग मुकदमों में बरामद किए गए थे। इनमें गांजा, चरस, स्मैक, अफीम और अन्य प्रतिबंधित मादक पदार्थ शामिल थे। लंबे समय से मालखानों में सुरक्षित रखी गई इस सामग्री का न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद विनिष्टीकरण कराया गया। मादक पदार्थों को नष्ट करने से पहले माननीय न्यायालय और विभागीय स्तर से आवश्यक अनुमति प्राप्त की गई। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी प्राप्त परसाखेड़ा स्थित एनविराड मेडिकेयर प्राइवेट लिमिटेड में स्थापित इंसिनरेटर प्लांट के माध्यम से भष्मीकरण की कार्रवाई कराई गई। पूरी प्रक्रिया निर्धारित कानूनी और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप संपन्न हुई।
नशे के कारोबार पर प्रभावी चोट
पुलिस का मानना है कि नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जब्त मादक पदार्थों का समयबद्ध विनिष्टीकरण भी जरूरी है। इससे अवैध कारोबार की आर्थिक श्रृंखला कमजोर होती है और जब्त सामग्री के दोबारा दुरुपयोग की संभावना समाप्त हो जाती है। जिले में नशे के खिलाफ लगातार चल रही कार्रवाई को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी एसएसपी अनुराग आर्य की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी ने की। समिति में एसपी क्राइम मनीष चंद्र सोनकर, सीओ क्राइम गौरव सिंह और एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्र शामिल रहे। एसएसपी ने कहा कि जिले को नशामुक्त बनाने और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए आगे भी इसी तरह के अभियान जारी रहेंगे।