मुरादाबाद। आसमान से बरसती आग और सड़क से उठती तपिश के बीच ट्रैफिक संभाल रहे एक पीआरडी जवान की अचानक मौत ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर दिया। सोमवार दोपहर शहर के व्यस्त मधुबनी चौराहे पर ड्यूटी के दौरान जवान अचानक लड़खड़ाकर सड़क पर गिर पड़ा। साथी पुलिसकर्मी उसे जिला अस्पताल लेकर दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में मौत की वजह हीट स्ट्रोक मानी जा रही है।
सुबह छह बजे से धूप में संभाल रहे थे ट्रैफिक
मृतक जवान की पहचान किशन स्वरूप के रूप में हुई है। वह रोजाना की तरह सुबह करीब छह बजे ही मधुबनी चौराहे पर ड्यूटी के लिए पहुंच गए थे। शहर में बढ़ती गर्मी और तेज धूप के बावजूद वह लगातार ट्रैफिक कंट्रोल में जुटे रहे। दोपहर करीब 12 बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले उन्हें चक्कर आया और फिर वह सड़क पर गिर पड़े।
सड़क पर गिरते ही मच गई अफरा-तफरी
चौराहे पर मौजूद पुलिसकर्मियों और राहगीरों ने जब जवान को गिरते देखा तो मौके पर अफरा-तफरी मच गई। साथी पुलिसकर्मी तुरंत उनकी मदद के लिए दौड़े और एम्बुलेंस बुलाकर जिला अस्पताल पहुंचाया। रास्ते भर उन्हें होश में लाने की कोशिश होती रही, लेकिन हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
जिला अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार जवान को गंभीर हालत में इमरजेंसी लाया गया था। ईसीजी और सीपीआर समेत जरूरी मेडिकल प्रक्रिया की गई, लेकिन जांच में पता चला कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें “ब्रॉट डेड” घोषित कर दिया।
ट्रैफिक विभाग में पसरा मातम
घटना के बाद ट्रैफिक पुलिस और पीआरडी जवानों में शोक का माहौल है। साथी जवानों का कहना है कि किशन स्वरूप बेहद जिम्मेदार और अनुशासित कर्मी थे। भीषण गर्मी में लगातार ड्यूटी कर रहे जवानों की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
लू और गर्मी ने बढ़ाया खतरा
मुरादाबाद समेत पूरे उत्तर प्रदेश में इस समय भीषण गर्मी और लू का असर देखने को मिल रहा है। खुले में घंटों ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मी, होमगार्ड और पीआरडी जवान सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। विशेषज्ञ लगातार लोगों को दोपहर में धूप से बचने, पानी पीते रहने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।