गाजियाबाद (इंदिरापुरम)। गुरुवार दोपहर कनावनी गांव की झुग्गी बस्ती में ऐसा अग्निकांड हुआ, जिसने कुछ ही मिनटों में सैकड़ों परिवारों की दुनिया राख कर दी। करीब 600 झुग्गियां धू-धूकर जल उठीं और देखते ही देखते पूरा इलाका धुएं और चीख-पुकार से भर गया। आग इतनी भीषण थी कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। चश्मदीद के मुताबिक, इस हादसे में 8 से 10 बच्चों के लापता होने का दावा किया जा रहा है, जिससे इलाके में दहशत और गहरा गई है।
चश्मदीद का दावा—शॉर्ट सर्किट से शुरू हुआ कहर
घटना के बाद सामने आए चश्मदीद आकाश ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे झुग्गियों के ऊपर से गुजर रही बिजली की तार में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ। तारों से निकली चिंगारी नीचे गिरी और सूखी झुग्गियों ने तुरंत आग पकड़ ली। कुछ ही सेकंड में लपटें इतनी तेज हो गईं कि लोगों को कुछ समझ ही नहीं आया। आकाश ने कहा, “हमने देखा कि एक झुग्गी में आग लगी और देखते ही देखते वह पूरे इलाके में फैल गई। किसी को अपने सामान तक समेटने का मौका नहीं मिला।”
मिनटों में राख हुआ पूरा इलाका
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बस्ती में करीब 600 झुग्गियां थीं, जो लकड़ी, प्लास्टिक और टीन से बनी थीं। आग लगते ही इन ज्वलनशील सामग्रियों ने आग को और तेज कर दिया। तेज हवा ने लपटों को और भड़काया, जिससे आग ने सैकड़ों झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि कई परिवार अपने घरों में मौजूद जरूरी सामान, पैसे और दस्तावेज तक नहीं बचा सके। पूरा इलाका कुछ ही देर में खाक हो गया।
कबाड़ के गोदाम बने ‘बारूद’, बढ़ी तबाही
चश्मदीदों के अनुसार, बस्ती के पास कबाड़ के कई गोदाम भी थे, जहां प्लास्टिक, रबर और अन्य ज्वलनशील सामग्री जमा थी। आग इन गोदामों तक पहुंची तो हालात और भयावह हो गए। लपटें आसमान तक उठने लगीं और काला धुआं कई किलोमीटर दूर से दिखाई देने लगा। इससे आग पर काबू पाना और मुश्किल हो गया। शुरुआती आकलन में करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
लापता बच्चों की खबर से मचा हड़कंप
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि आग के दौरान 8 से 10 बच्चों के लापता होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि कई लोग उस समय काम पर गए हुए थे, जबकि छोटे बच्चे झुग्गियों में ही मौजूद थे। आग लगने के बाद से ही परिजन अपने बच्चों को ढूंढने के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। कई महिलाएं रो-रोकर बदहवास हो गईं और घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।
दमकल और पुलिस की टीमों ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस बल ने भी मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। अधिकारियों का कहना है कि आग अब नियंत्रण में है, लेकिन पूरी तरह बुझाने के लिए कूलिंग का काम जारी है।
प्रशासन सतर्क, सर्च ऑपरेशन की तैयारी
प्रशासन ने अभी तक बच्चों के लापता होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि कूलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा, ताकि किसी भी संभावित पीड़ित का पता लगाया जा सके। साथ ही नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है और प्रभावित परिवारों के लिए राहत व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी गई है।
खुले तार और अव्यवस्थित बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद इलाके में बिजली व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि झुग्गियों के ऊपर से गुजर रही खुली तारें पहले से ही खतरा बनी हुई थीं, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। अगर समय रहते इन खतरों को दूर किया गया होता, तो शायद इतना बड़ा हादसा टल सकता था।
दिल दहला देने वाला मंजर, आंखों में दहशत
घटनास्थल पर चारों तरफ जले हुए टीन, राख और बिखरे सामान का मंजर दिल दहला देने वाला था। लोग अपने घरों के अवशेषों में कुछ बचा-खुचा सामान ढूंढते नजर आए। कई परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं और उनके सामने अब रहने और खाने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।