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बरेली। शहर में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान ने अब सियासी रंग पकड़ लिया है। गुरुवार को समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और कोहाड़ापीर रोड पर जोरदार प्रदर्शन किया। अचानक हुए इस विरोध से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और काफी देर तक नारेबाजी होती रही।

नेताओं का हुजूम, नगर निगम पर तीखा हमला

प्रदर्शन में पूर्व मेयर सुप्रिया एरन, राजेश अग्रवाल, डॉ. अनीस बैग, पार्षद गौरव सक्सेना, रविन्द्र यादव और शमीम सुल्तानी समेत कई सपा नेता मौजूद रहे। नेताओं ने नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाने का अभियान निष्पक्ष नहीं है और चुनिंदा इलाकों को निशाना बनाया जा रहा है।

‘एक समुदाय को टारगेट किया जा रहा’

सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि अभियान के नाम पर एक विशेष समुदाय के लोगों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उनका कहना है कि उनके भवनों को प्राथमिकता के साथ तोड़ा जा रहा है, जबकि अन्य अवैध निर्माणों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने इसे प्रशासन की पक्षपातपूर्ण नीति बताते हुए तत्काल सुधार की मांग की।

पारदर्शिता की मांग, आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने मांग रखी कि अतिक्रमण हटाने की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समान रूप से लागू की जाए। नेताओं ने साफ चेतावनी दी कि यदि भेदभावपूर्ण कार्रवाई जारी रही तो पार्टी बड़ा जनआंदोलन खड़ा करेगी और विरोध को और तेज किया जाएगा।

प्रदर्शन में दिखी गुटबाजी, एकजुटता पर सवाल

विरोध प्रदर्शन के बीच पार्टी की अंदरूनी खींचतान भी सामने आ गई। कई नेता अलग-अलग समूहों में नजर आए और मंच पर एकजुटता की कमी साफ दिखी। इससे यह संकेत मिला कि मुद्दा भले ही साझा हो, लेकिन संगठन के भीतर तालमेल की कमी बनी हुई है।

आगे और गरमाएगी सियासत

प्रदर्शन खत्म होने के बाद नेता वापस लौट गए, लेकिन जाते-जाते साफ संकेत दे गए कि मामला यहीं थमने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने के आसार हैं, जिससे नगर निगम और प्रशासन पर दबाव बढ़ सकता है।

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