बरेली। शहर के प्रतिष्ठित मेथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज के करोड़ों की जमीन पर कब्जे और हेरफेर का बड़ा मामला सामने आया है। छात्राओं के खेल के मैदान को कागजों में ‘अनयूज्ड’ दिखाकर लीज पर देने के आरोप में जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने इमेज इलेक्ट्रॉनिक के मालिक हरीश अरोड़ा समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले ने शिक्षा जगत के साथ प्रशासनिक हलकों में भी सनसनी फैला दी है।
शिकायत से खुला खेल, कमिश्नर ने बैठाई जांच
किला छावनी निवासी अमर सिंह राठौर की शिकायत पर मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्रि-सदस्यीय जांच समिति गठित की। इसमें अपर आयुक्त (प्रशासन) प्रीती जायसवाल, एसपी सिटी मानुष पारीक और एडीएम सिटी सौरभ दुबे को शामिल किया गया। जांच में सामने आया कि कॉलेज के दस्तावेजों में खेल मैदान का क्षेत्रफल करीब 20 हजार वर्गमीटर बताया गया था। कहीं तीन खेल मैदान, तो कहीं वॉलीबॉल और बास्केटबॉल कोर्ट का जिक्र मिला। इससे स्पष्ट हुआ कि कॉलेज में पहले बड़ा खेल मैदान मौजूद था और छात्राएं वर्षों से उसका उपयोग करती रही हैं।
2009 के समझौते में भी कॉलेज की जमीन दर्ज
जांच समिति को 2009 की लीज डीड और नक्शों में भी विवादित जमीन कॉलेज परिसर का हिस्सा मिली। मौके पर कॉलेज के अंदर पुरानी सड़क भी मिली, जो मिशन अस्पताल की सड़क से जुड़ती है। नायब तहसीलदार की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ—जिस जमीन को घेरकर अपना बताया गया, उसका क्षेत्रफल रजिस्टर्ड लीज डीड से करीब 2200 वर्गमीटर ज्यादा निकला। इससे तय सीमा से अधिक जमीन पर कब्जे की आशंका और गहरी हो गई।
‘अनयूज्ड’ बताकर 610 वर्गमीटर जमीन कर दी लीज
सबसे चौंकाने वाला खुलासा 4 मार्च 2022 के समझौते में हुआ। संस्था के अधिकृत सचिव डॉ. न्यूटन एम. परमार ने कॉलेज के खेल मैदान के 610 वर्गमीटर हिस्से को ‘अनयूज्ड’ दिखाकर क्षितिज इंटरप्राइजेज को लीज पर दे दिया। जबकि हकीकत यह है कि यह जमीन वर्षों से छात्राओं की खेल गतिविधियों में उपयोग हो रही थी। जांच में शिक्षा विभाग से अनुमति का कोई रिकॉर्ड भी नहीं मिला।
फर्जी नक्शे, कूटरचना और सिंडिकेट की एंट्री
शिकायत में आरोप है कि जमीन को लीज पर देने के लिए फर्जी नक्शे तैयार किए गए और दस्तावेजों में कूटरचना की गई। जांच में एक बड़े सिंडिकेट की भूमिका भी सामने आई है। आरोप है कि शहर के कुछ कारोबारी, एक एडवोकेट और मेथोडिस्ट चर्च से जुड़े अफसरों की मिलीभगत से जमीनों के फर्जी कागजात तैयार किए जाते हैं। मुंबई स्तर पर एनओसी लेकर जमीनों का खेल किया जाता है। बताया जा रहा है कि इसी गिरोह की नजर शहर की कई अन्य कीमती जमीनों पर भी है।
डीआईओएस की तहरीर पर मुकदमा, जांच शुरू
त्रि-सदस्यीय जांच रिपोर्ट के आधार पर संयुक्त शिक्षा निदेशक के निर्देश पर डीआईओएस डॉ. अजीत कुमार ने कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने डॉ. न्यूटन एम. परमार, सुनील मसीह और क्षितिज इंटरप्राइजेज के साझेदार हरीश अरोड़ा समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
छात्राओं की सुरक्षा पर भी मंडराया खतरा
जांच रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि अगर इस जमीन पर व्यावसायिक निर्माण या शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बना तो इसका सीधा असर कॉलेज के माहौल और छात्राओं की सुरक्षा पर पड़ेगा। फिलहाल मामला तूल पकड़ चुका है और आने वाले दिनों में बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।