नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच तीखी बयानबाजी अब खुलकर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त और विवादित बयान के बाद भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने ट्रंप की भाषा पर सवाल उठाते हुए इसे उनके व्यक्तित्व का प्रतिबिंब बताया और साथ ही भारत की कूटनीति की खुलकर सराहना की।
ट्रंप की ‘भाषा’ पर सीधा हमला
इलाही ने कहा कि कोई भी व्यक्ति जिस भाषा का इस्तेमाल करता है, वही उसके चरित्र और नैतिकता को दर्शाती है। उन्होंने इशारों में ट्रंप की अभद्र टिप्पणी को लेकर कहा कि इस तरह की भाषा स्वीकार्य नहीं है और कई अमेरिकी नेता भी इससे असहमत हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव
दरअसल, ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने को कहा था। उन्होंने ऐसा न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी थी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे विवाद और बढ़ गया।
‘युद्ध पूरी मानवता के खिलाफ’
इलाही ने मौजूदा संघर्ष को लेकर कहा कि यह सिर्फ ईरान के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी दुनिया और मानवता के खिलाफ युद्ध है। उन्होंने इसे शुरुआत से ही एक बड़ी गलती बताया और कहा कि इसके कारण कई देशों में आम लोग परेशान हो रहे हैं।
भारत की कूटनीति की तारीफ
ईरानी प्रतिनिधि ने भारत की विदेश नीति की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय कूटनीति बेहद संतुलित और प्रभावी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत इस मुद्दे में और बड़ी भूमिका निभा सकता है।
दुनिया से एकजुट होने की अपील
इलाही ने वैश्विक नेताओं से अपील की कि वे एकजुट होकर अमेरिका और ट्रंप से युद्ध रोकने की मांग करें। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष का असर तेल, गैस और शिपिंग जैसे क्षेत्रों पर पड़ रहा है, जिससे पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है।
बढ़ते तनाव पर नजरें
पश्चिम एशिया में जारी यह संघर्ष अब दूसरे महीने में पहुंच चुका है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक हल की जरूरत और भी ज्यादा महसूस की जा रही है।