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बरेली। सीबीगंज के बड़ा बाईपास पर हुआ दर्दनाक सड़क हादसा अब सनसनीखेज आपराधिक खुलासे में बदल गया है। जिस बोलेरो हादसे में मौतें हुई थीं, वह सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि किडनैपिंग गैंग की करतूत निकली। कार से दो अगवा मासूम बच्चे बरामद हुए, जबकि तीन बदमाशों की मौत हो गई और एक घायल हालत में पकड़ा गया।

गुरुग्राम से हुआ था बच्चों का अपहरण

जांच में सामने आया कि गुरुग्राम के डीएलएफ फेस-1 निवासी ऑटो चालक मनोज अपने दो बच्चों—6 वर्षीय मयूर और 3 वर्षीय लक्ष्य—के साथ शनिवार शाम से लापता थे। उनकी पत्नी पूजा ने रविवार को अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मनोज सवारी छोड़ने निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। उनका ऑटो मंदिर के पास लावारिस हालत में मिला।

धमकी भरी कॉल से दहशत

परिजनों के मुताबिक देर रात मनोज के मोबाइल से कॉल आई, जिसमें बदमाशों ने पुलिस को सूचना न देने की धमकी दी। कहा गया कि चार घंटे में छोड़ देंगे, लेकिन इसके बाद संपर्क टूट गया। बदमाशों ने बच्चों और मनोज से बात भी करवाई, जिससे परिवार दहशत में आ गया।

हादसे के बाद खुला पूरा राज

रविवार देर रात बरेली पुलिस ने गुरुग्राम पुलिस से संपर्क कर बताया कि हादसे वाली बोलेरो से दो बच्चे बेहोशी की हालत में मिले हैं। फोटो मिलान के बाद मां ने दोनों की पहचान कर ली। बच्चों का इलाज चल रहा है और हालत में सुधार बताया जा रहा है।

तीन बदमाश मारे गए, गिरोह की कड़ियां जुड़ीं

हादसे में मारे गए आरोपियों में एक की पहचान मनमोहन (निवासी टांडा सिकंदरपुर, फरीदपुर) के रूप में हुई है। अन्य आरोपी रामपुर और पीलीभीत के बताए जा रहे हैं। पुलिस को शक है कि मनोज और बच्चों का अपहरण फिरौती या रंगदारी के लिए किया गया था।

सर्विलांस से मनोज बरामद

एसपी सिटी मानुष पारीक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सर्विलांस के जरिए अपहृत मनोज को भी तलाश लिया है। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पूरे गिरोह के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।

‘सड़क हादसा नहीं, संगठित अपराध’

अधिकारियों का कहना है कि यह महज सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि संगठित अपराध का मामला है। बरेली और गुरुग्राम पुलिस मिलकर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही हैं और जल्द ही बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है।

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