बरेली। सैटेलाइट बस स्टेशन के खुले नाले में गिरकर हरदोई निवासी तौहीद की मौत के मामले में नगर निगम ने आखिरकार कड़ा एक्शन लिया है। जांच रिपोर्ट सामने आते ही नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने दो अभियंताओं समेत चार कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर दी है, जबकि ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी भी शुरू हो गई है।
जांच में चार जिम्मेदार तय, इंजीनियर भी नहीं बचे
जांच कमेटी ने पूर्व अवर अभियंता अनुराग कमल, वर्तमान अवर अभियंता वीर प्रताप पटेल, सफाई निरीक्षक विवेक कुमार और सफाई नायक सर्वेश कुमार को सीधे तौर पर दोषी माना है। सभी पर लापरवाही और कर्तव्य में चूक के आरोप तय किए गए हैं।
एक साल खुला रहा ‘मौत का नाला’, सिस्टम रहा बेखबर
रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि सैटेलाइट बस स्टेशन जैसे व्यस्त इलाके में नाला करीब एक साल तक खुला पड़ा रहा। सफाई के बाद करीब 10 फीट चौड़ा हिस्सा बिना स्लैब और जाल के छोड़ दिया गया, जबकि यहां रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही होती है।
24 मार्च की रात… 30 घंटे चला रेस्क्यू
24 मार्च की रात करीब 9:30 बजे तौहीद खुले नाले में गिर गए थे। अंधेरे और गहराई के बीच चले करीब 30 घंटे लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उनका शव बाहर निकाला गया। इस दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया।
बैरियर सिर्फ दिखावा, सुरक्षा इंतजाम नदारद
जांच में सामने आया कि नाले के आसपास लगाए गए सीमेंटेड बैरियर सिर्फ औपचारिकता थे। न तो मजबूत जाल लगाए गए और न ही स्थायी स्लैब डाले गए। यानी खतरे की जानकारी होने के बावजूद जिम्मेदारों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
ठेकेदार की भूमिका संदिग्ध, ब्लैकलिस्ट की तैयारी
नाले की सफाई करने वाले ठेकेदार शाकिर मियां की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि ठेकेदार के खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई की जाएगी।
अब एक्शन मोड में निगम, शहरभर में अभियान शुरू
घटना के बाद नगर निगम ने शहर के खुले नालों को ढकने का अभियान तेज कर दिया है। स्लैब लगाने और लोहे के एंगल से सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नई निविदाएं भी जारी कर दी गई हैं।
सख्त कार्रवाई के संकेत, सस्पेंशन तक पहुंचेगा मामला
सूत्रों के मुताबिक, दोषियों पर वेतन वृद्धि रोकने, प्रमोशन रोकने से लेकर निलंबन जैसी बड़ी कार्रवाई भी हो सकती है। नगर आयुक्त ने साफ कर दिया है कि इस मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।