बरेली। पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई करते हुए एसएसपी अनुराग आर्य ने एक सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आरोप है कि बीट पर तैनात सिपाही ने 19 मुकदमों वाले कुख्यात गौकशी आरोपी को लेकर गंभीर लापरवाही बरती और उसकी गतिविधियों को छुपाने का काम किया। मामला भोजीपुरा थाना क्षेत्र का है, जहां इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
मुठभेड़ में पकड़ा गया था कुख्यात आरोपी
थाना भोजीपुरा में दर्ज मुकदमा संख्या 51/2026 के तहत धारा 3/5/8 गौवध निवारण अधिनियम में नामजद आरोपी राजू कुरैशी को 14 फरवरी 2026 को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। आरोपी के खिलाफ गौकशी समेत कुल 19 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। हैरानी की बात यह रही कि इतना बड़ा अपराधी उसी इलाके में सक्रिय था, जहां सिपाही विशु की बीट ड्यूटी थी।
बीट सिस्टम पर बड़ा सवाल, रजिस्टर में नाम तक नहीं
जांच में खुलासा हुआ कि सिपाही विशु ने आरोपी का नाम बीट रजिस्टर में दर्ज ही नहीं किया। इतना ही नहीं, उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी भी अधिकारियों तक नहीं पहुंचाई गई। जबकि ऐसे मामलों में निगरानी और निरोधात्मक कार्रवाई के लिए सूचना देना अनिवार्य होता है। इस चूक ने पूरे बीट सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ASP की जांच में खुली पोल, तुरंत गिरी गाज
मामले की जांच एएसपी हाईवे द्वारा की गई, जिसमें सिपाही की भूमिका संदिग्ध और लापरवाहीपूर्ण पाई गई। जांच रिपोर्ट मिलते ही एसएसपी अनुराग आर्य ने सख्त रुख अपनाते हुए सिपाही विशु को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। साथ ही पूरे मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
सख्त संदेश: अपराधियों से सांठगांठ बर्दाश्त नहीं
इस कार्रवाई के जरिए पुलिस विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अपराधियों को संरक्षण देने या ड्यूटी में ढिलाई बरतने वालों के खिलाफ अब कोई रियायत नहीं दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, जांच आगे बढ़ने पर और भी पुलिसकर्मी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।