नई दिल्ली। वैश्विक मंच पर भारत की ताकत अब सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं रही, बल्कि रक्षा क्षेत्र में भी ‘मेड इन इंडिया’ का डंका बज रहा है। अमेरिका, इजरायल, फ्रांस जैसे ताकतवर देश अब भारतीय हथियारों के खरीदार बन रहे हैं। पिछले वित्त वर्ष में भारत ने 38 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के हथियार बेचकर नया रिकॉर्ड बनाया है, जो देश के लिए बड़ी रणनीतिक उपलब्धि मानी जा रही है।
रिकॉर्ड तोड़ निर्यात, 60% से ज्यादा की छलांग
रक्षा मंत्रालय के अनुसार भारत ने बीते साल 38,424 करोड़ रुपये (करीब 4.15 अरब डॉलर) के हथियारों का निर्यात किया। यह पिछले साल के मुकाबले 60 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी है। यह आंकड़ा बताता है कि भारत अब तेजी से एक मजबूत रक्षा निर्यातक देश के रूप में उभर रहा है।
सरकारी और निजी कंपनियों का दमदार योगदान
इस रिकॉर्ड निर्यात में सरकारी रक्षा कंपनियों की हिस्सेदारी करीब 55 प्रतिशत रही, जबकि बाकी योगदान निजी कंपनियों का रहा। यह भारत के मजबूत होते डिफेंस इकोसिस्टम और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में बढ़ते कदमों को दर्शाता है।
100 से ज्यादा देशों तक पहुंचा भारतीय डिफेंस
भारत अब दुनिया के 100 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है। इसमें अमेरिका, फ्रांस, फिलीपींस, आर्मेनिया, यूके, जर्मनी और इजरायल जैसे बड़े देश शामिल हैं। यह भारत की बढ़ती विश्वसनीयता और गुणवत्ता का प्रमाण है।
ये हैं टॉप खरीदार देश
भारतीय हथियारों के सबसे बड़े खरीदार देशों में आर्मेनिया, फिलीपींस, अमेरिका, इजरायल, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और जर्मनी शामिल हैं। आर्मेनिया ने पिनाका रॉकेट सिस्टम, आकाश एयर डिफेंस और ATAGS तोप खरीदी अमेरिका और इजरायल भारत से सुरक्षा उपकरण, हेलमेट और तकनीकी पार्ट्स लेते हैं
किन हथियारों की है सबसे ज्यादा मांग
भारत मिसाइल सिस्टम, रॉकेट लॉन्चर, तोप, रडार, नौसैनिक बोट्स और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम का निर्यात करता है। भारतीय तकनीक की गुणवत्ता और लागत दोनों ही वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी मानी जा रही हैं। 2014 के बाद से केंद्र सरकार ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत रक्षा उत्पादन और निर्यात को प्राथमिकता दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत तेजी से एक वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
तेजी से बढ़ता ‘ग्लोबल सप्लायर’ भारत
गुयाना, यूएई, इंडोनेशिया, नीदरलैंड्स, श्रीलंका और सऊदी अरब जैसे देशों को भी भारत रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव वैश्विक शक्ति संतुलन में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। आने वाले वर्षों में भारत दुनिया के बड़े हथियार निर्यातकों में शामिल हो सकता है।