बरेली के बहेड़ी में शुक्रवार तड़के पुलिस और गौतस्करों के बीच हुई मुठभेड़ ने पूरे इलाके को दहला दिया। नहर पुलिया पर गोलियों की तड़तड़ाहट, 400 मीटर तक हाई-स्पीड पीछा और फिर आमने-सामने की भिड़ंत—इस ऑपरेशन में पुलिस ने चार बदमाशों को दबोच लिया, जबकि दो के पैर में गोली लगी। जवाबी फायरिंग में एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ। मौके से हथियारों का जखीरा और वारदात का पूरा सामान बरामद हुआ है।
नहर पुलिया बना जंग का मैदान
बहेड़ी के उत्तमनगर रोड स्थित नहर पुलिया शुक्रवार तड़के अचानक रणभूमि में तब्दील हो गया। गौकशी के आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी फिर किसी वारदात की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर चेकिंग शुरू कर दी। माहौल पूरी तरह सन्नाटे में डूबा था, लेकिन जैसे ही संदिग्ध टेंपो नजर आया, पुलिस की धड़कनें तेज हो गईं। नीले-सफेद रंग का टेंपो जैसे ही बैरिकेड के पास पहुंचा, पुलिस ने उसे रोकने का इशारा किया। लेकिन टेंपो सवार बदमाशों ने रुकने के बजाय अचानक गाड़ी मोड़ दी और भागने की कोशिश की। यहीं से शुरू हुआ पीछा, जिसने कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके को गोलियों की आवाज से गूंजा दिया।
400 मीटर का पीछा और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग
पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए बदमाशों का पीछा शुरू किया। करीब 400 मीटर तक हाई-स्पीड चेज के बाद बदमाशों का टेंपो अचानक फंस गया। खुद को चारों ओर से घिरता देख बदमाश बौखला गए और बिना देर किए पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक चली गोलियों से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान एक गोली हेड कांस्टेबल सरजीत सिंह को जा लगी, जिससे वह घायल हो गए। इसके बावजूद पुलिस टीम डटी रही और बदमाशों को घेरते हुए जवाबी फायरिंग जारी रखी। इस जबरदस्त मुठभेड़ में पुलिस की सटीक कार्रवाई ने बदमाशों के हौसले तोड़ दिए और पूरा गैंग कुछ ही मिनटों में धराशायी हो गया।
दो बदमाशों के पैर में गोली, चार गिरफ्तार
जवाबी फायरिंग में फैजान (24) निवासी इस्लामनगर और लईक (36) निवासी जाफरपुर के पैर में गोली लगी, जिससे वे मौके पर ही गिर पड़े। वहीं उनके दो अन्य साथी—सद्दाम (28) निवासी राजानगर और रवि (26) निवासी श्यामाचरण गोटिया—भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें भी दबोच लिया। चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने गौकशी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। घायल बदमाशों को मौके पर ही काबू में कर लिया गया और बाद में अस्पताल पहुंचाया गया। इस कार्रवाई ने साफ कर दिया कि पुलिस अब गौकशी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और किसी भी हाल में आरोपियों को बख्शने के मूड में नहीं है।
हथियारों का जखीरा और वारदात का पूरा सामान बरामद
मुठभेड़ के बाद जब पुलिस ने मौके की तलाशी ली, तो बरामदगी ने सबको चौंका दिया। बदमाशों के पास से 315 बोर के दो तमंचे, 12 बोर का एक तमंचा, 7.63 बोर की रिवॉल्वर और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस व खोखे मिले। इसके अलावा गौकशी में इस्तेमाल होने वाले औजार, करीब 10 हजार रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त टेंपो भी बरामद किया गया। इस बरामदगी से साफ है कि आरोपी किसी बड़ी वारदात की तैयारी में थे और उनके पास पूरी तरह से सुसज्जित हथियार मौजूद थे। पुलिस अब इन हथियारों और मोबाइल के जरिए पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुट गई है।
जंगल में हुई वारदात से शुरू हुई थी कहानी
दरअसल, इस पूरी कार्रवाई की शुरुआत मंगलवार देर रात हुई उस सनसनीखेज घटना से हुई, जब श्यामाचरण गोटिया इलाके के जंगल में किच्छा नदी किनारे गौवंशीय पशु के वध की जानकारी सामने आई थी। इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश और दहशत फैला दी थी। पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और लगातार जंगल व आसपास के क्षेत्रों में दबिश दी जा रही थी। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को पहले से ही इस गैंग की गतिविधियों पर शक था और इसी के आधार पर जाल बिछाया गया। शुक्रवार तड़के मिली सटीक सूचना ने पुलिस को बड़ी सफलता दिला दी।
पुलिस का अलर्ट मोड, नेटवर्क ध्वस्त करने की तैयारी
घटना के बाद पूरे बहेड़ी और आसपास के इलाकों में पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और गौकशी के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा। घायल पुलिसकर्मी और बदमाशों का इलाज अस्पताल में चल रहा है, जहां सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर उनके अन्य साथियों और पूरे गिरोह की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में और भी सख्त कार्रवाई देखने को मिलेगी।