चैत्र नवरात्र का पावन समय आते ही जहां श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन की तैयारी में जुटे हैं, वहीं रेलवे की स्थिति ने उनकी उम्मीदों पर ब्रेक लगा दिया है। बरेली होकर गुजरने वाली जम्मू रूट की लगभग सभी ट्रेनें खचाखच भर चुकी हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि कई ट्रेनों में टिकट बुकिंग तक बंद करनी पड़ी है, जिससे यात्रियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
नवरात्र में उमड़ी आस्था, ट्रेनों पर टूटा दबाव
चैत्र नवरात्र के मौके पर हर साल की तरह इस बार भी श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। लेकिन इस बार यात्रियों की संख्या ने रेलवे की क्षमता को पूरी तरह चुनौती दे दी है। बरेली होकर जम्मूतवी जाने वाली अप-डाउन की लगभग सभी ट्रेनों में “नो रूम” की स्थिति बन चुकी है। स्टेशन पर टिकट काउंटर से लेकर ऑनलाइन बुकिंग तक हर जगह यात्रियों को निराशा हाथ लग रही है। श्रद्धालु अब या तो वेटिंग में सफर करने को मजबूर हैं या फिर यात्रा टालने पर विचार कर रहे हैं।
कई ट्रेनों में मई तक बुकिंग बंद, यात्रियों में हाहाकार
रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक कई प्रमुख ट्रेनों में अप्रैल ही नहीं, बल्कि मई के पहले सप्ताह तक टिकट बुकिंग बंद हो चुकी है। 14691 मोरध्वज एक्सप्रेस, 15653 गुवाहाटी-जम्मूतवी एक्सप्रेस, 12331 हिमगिरि एक्सप्रेस जैसी गाड़ियों में लंबी वेटिंग चल रही है। वहीं 15097 भागलपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस, 12587 अमरनाथ एक्सप्रेस और 22317 हमसफर एक्सप्रेस में कन्फर्म टिकट मिलना लगभग नामुमकिन हो गया है। इस स्थिति ने यात्रियों के बीच हाहाकार मचा दिया है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्होंने पहले से यात्रा की योजना बनाई थी।
रूट डायवर्जन ने बढ़ाई परेशानी, बरेली से कम हुए विकल्प
रेलवे की ओर से 12469 कानपुर सेंट्रल-जम्मूतवी एक्सप्रेस का दो अप्रैल से 13 मई तक रूट बदल दिया गया है। इस दौरान यह ट्रेन बरेली होकर नहीं गुजरेगी। इससे बरेली और आसपास के यात्रियों के लिए विकल्प और सीमित हो गए हैं। पहले से ही भीड़ से जूझ रही अन्य ट्रेनों पर इसका अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। परिणामस्वरूप वेटिंग लिस्ट और लंबी हो गई है और कन्फर्म टिकट मिलना और भी मुश्किल हो गया है।
बरेली से सीधी ट्रेनें भी फुल, हर क्लास में वेटिंग
बरेली से सीधे जम्मूतवी जाने वाली 13151 जम्मूतवी एक्सप्रेस, जिसमें आमतौर पर कन्फर्म टिकट मिल जाता था, अब अप्रैल के अंत तक पूरी तरह फुल हो चुकी है। इसी तरह 15651 लोहित एक्सप्रेस, 15655 कामाख्या एक्सप्रेस और 12355 अर्चना एक्सप्रेस में भी सभी श्रेणियों में नो रूम की स्थिति है। स्लीपर से लेकर एसी तक हर क्लास में लंबी वेटिंग चल रही है। यह स्थिति साफ दर्शाती है कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों के मुकाबले कहीं अधिक है।
टनकपुर रूट पर भी दबाव, मेला स्पेशल ट्रेनों का सहारा
इधर टनकपुर स्थित श्री माता पूर्णागिरि धाम में चल रहे मेले के कारण इस रूट की ट्रेनों पर भी दबाव बढ़ गया है। हालांकि 15075-73 त्रिवेणी एक्सप्रेस, 15091 दौराई-टनकपुर एक्सप्रेस और 12036 पूर्णागिरि जनशताब्दी एक्सप्रेस में सीमित सीटें अभी भी उपलब्ध हैं, लेकिन यहां भी स्थिति तेजी से फुल होने की ओर है। 05061 अछनेरा-टनकपुर एक्सप्रेस में चेयरकार श्रेणी में वेटिंग शुरू हो चुकी है। मेला स्पेशल ट्रेनें कुछ राहत जरूर दे रही हैं, लेकिन भीड़ के सामने यह भी नाकाफी साबित हो रही हैं।
AC-3 टिकट की सबसे ज्यादा मांग, तत्काल पर भी मारामारी
इस नवरात्र में एसी तृतीय श्रेणी (AC-3 Tier) के टिकटों की मांग सबसे ज्यादा देखी जा रही है। लगभग हर ट्रेन में इस श्रेणी में या तो नो रूम है या फिर लंबी वेटिंग लिस्ट चल रही है। बरेली जंक्शन पर तत्काल टिकटों की बिक्री भी तेजी से बढ़ी है, लेकिन यहां भी यात्रियों को आसानी से टिकट नहीं मिल पा रहा। कई लोग एजेंटों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बार-बार कोशिश कर रहे हैं, फिर भी सफलता नहीं मिल रही। ऐसे में साफ है कि इस बार आस्था की यात्रा, रेलवे के लिए सबसे बड़ी परीक्षा बन गई है।