तेहरान और वॉशिंगटन के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान पर हमले का जो वीडियो जारी किया, उसमें पहली बार ‘ब्लैक टॉमहॉक’ क्रूज मिसाइल की झलक ने दुनिया को चौंका दिया। माना जा रहा है कि यह अमेरिकी नौसेना का अपग्रेडेड, कम-दिखाई देने वाला और ज्यादा घातक वैरिएंट हो सकता है, जिसने एयर डिफेंस सिस्टम को चुनौती देते हुए सटीक स्ट्राइक की।
समंदर से उठा ‘काला वार’
अमेरिकी नौसेना द्वारा जारी वीडियो में RGM-109 Tomahawk (TLAM) को Arleigh Burke-class destroyer से लॉन्च होते देखा गया। लेकिन जो तस्वीर सबसे ज्यादा चर्चा में है, वह है ‘ब्लैक टॉमहॉक’। परंपरागत सफेद या धुंधले ग्रे रंग के बजाय यह मिसाइल गहरे काले रंग में नजर आई। विश्लेषकों का कहना है कि रंग बदलना सिर्फ ‘कॉस्मेटिक’ नहीं, बल्कि तकनीकी और सामरिक संकेत भी हो सकता है।
काले रंग का क्या है राज?
आमतौर पर आधुनिक मिसाइलों को लो-विजिबिलिटी ग्रे में पेंट किया जाता है। लेकिन काले रंग की कोटिंग कई संकेत देती है-
- कम रोशनी या समुद्री पृष्ठभूमि में बेहतर छिपाव
- इंफ्रारेड सिग्नेचर को कम करने के लिए विशेष पेंट
- रडार-एब्जॉर्बेंट मैटेरियल की संभावना
कुछ विशेषज्ञों ने इसकी तुलना AGM-158C LRASM से की है, जो अपनी स्टेल्थ प्रोफाइल के लिए जानी जाती है।
क्या यह ‘Maritime Strike Tomahawk’ है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह संभवतः Maritime Strike Tomahawk (MST) का ब्लॉक-V वैरिएंट हो सकता है। MST को पारंपरिक जमीन पर हमले के साथ-साथ समुद्री लक्ष्यों के लिए भी ऑप्टिमाइज़ किया गया है। ब्लॉक-V (Block Va) वर्जन में दो-तरफा डेटा लिंक और मल्टी-मोड गाइडेंस सिस्टम जैसी खूबियां हैं। इससे मिसाइल उड़ान के दौरान टारगेट बदल सकती है, कोर्स करेक्शन कर सकती है और रीयल-टाइम अपडेट पा सकती है।
इमेजिंग इंफ्रारेड सीकर की ताकत
नई पीढ़ी की टॉमहॉक मिसाइलों में इमेजिंग इंफ्रारेड सीकर जोड़े जाने की चर्चा है। इससे मिसाइल लक्ष्य की वास्तविक छवि पहचानकर सटीक वार कर सकती है। अगर यह फीचर मौजूद है, तो दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे ट्रैक और इंटरसेप्ट करना कहीं ज्यादा मुश्किल हो जाता है।
रडार से बच निकलने की रणनीति
विशेषज्ञों का कहना है कि नोज सेक्शन में डिज़ाइन बदलाव और रडार क्रॉस-सेक्शन कम करने की तकनीक इस वैरिएंट को और घातक बना सकती है। लॉन्च के तुरंत बाद इनलेट डोर का पीछे हटना और V-शेप डिज़ाइन एयरोडायनामिक्स को बेहतर बनाता है। कम ऊंचाई पर उड़ान भरते समय यह दुश्मन की नजर से ओझल रह सकती है।
संदेश सिर्फ ईरान को नहीं
इस मिसाइल का सार्वजनिक प्रदर्शन सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि सामरिक संदेश भी माना जा रहा है। यह संकेत है कि अमेरिकी नौसेना अपनी क्षमताओं को अगले स्तर पर ले जा चुकी है। विश्लेषकों का मानना है कि इस ‘ब्लैक’ वैरिएंट के जरिए अमेरिका ने संभावित प्रतिद्वंद्वियों को तकनीकी बढ़त का इशारा दिया है।