कवर्धा। खुशियों में शामिल होने निकले छह दोस्तों को क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। Kabirdham जिले में देर रात हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पुल से करीब 50 फीट नीचे जा गिरी, जिससे चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
रात के अंधेरे में मौत का मंजर, पुल से गिरते ही मच गई चीख-पुकार
हादसा पंडरिया क्षेत्र के पांडातराई के पास गड़ाई गांव में स्थित एक छोटे पुल पर हुआ। जानकारी के मुताबिक, कार काफी तेज रफ्तार में थी। जैसे ही वाहन पुल के पास पहुंचा, चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और कार सीधे नीचे जा गिरी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और अंदर बैठे युवक बुरी तरह फंस गए। आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनकर मौके पर दौड़ लगाई, जहां खून से लथपथ हालत में युवक कराहते नजर आए।
एक साथ बुझ गए चार घरों के चिराग, गांव में पसरा मातम
इस दर्दनाक हादसे में जिन चार युवकों की मौत हुई, उनकी पहचान अरमान अली, मोहम्मद सैफ, अनस अली और कौनैन के रूप में हुई है। सभी Raipur के बिरगांव इलाके के रहने वाले थे। एक ही झटके में चार युवकों की मौत की खबर जैसे ही उनके घर पहुंची, कोहराम मच गया। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। हादसे में जुनेद रजा और आरजू खान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दोनों को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत नाजुक देखते हुए उन्हें रायपुर के बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों की हालत चिंताजनक बनी हुई है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है।
खुशी का सफर बना मौत का सफर
पुलिस के अनुसार, सभी युवक एक कार में सवार होकर पंडरिया में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। रविवार देर रात वे जैसे ही गड़ाई गांव के पास पहुंचे, तभी यह हादसा हो गया। परिवार और दोस्तों के बीच खुशी का माहौल था, लेकिन एक हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। कार पुल से नीचे गहरी खाई में गिरी थी, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतें आईं। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद कार में फंसे युवकों को बाहर निकाला। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है, जबकि घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
तेज रफ्तार या लापरवाही? जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और चालक का नियंत्रण खोना हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क की स्थिति, वाहन की गति और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है, ताकि हादसे के असली कारणों का पता लगाया जा सके। इस हादसे ने ग्रामीण इलाकों में बने छोटे पुलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर इन पुलों पर न तो पर्याप्त रेलिंग होती है और न ही चेतावनी संकेत, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के लिए खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पुल पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़, एक साथ उठेंगी चार अर्थियां
चार युवकों की मौत ने चार परिवारों को उजाड़ दिया है। जिन घरों में शादी और खुशी की बातें हो रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। परिजनों का कहना है कि उनके बच्चों ने कभी नहीं सोचा था कि वे इस तरह अचानक उन्हें छोड़कर चले जाएंगे। कवर्धा का यह हादसा एक बार फिर यह साबित करता है कि सड़क पर छोटी सी लापरवाही भी कितनी भारी पड़ सकती है। तेज रफ्तार, लापरवाही और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था—ये तीनों मिलकर ऐसे हादसों को जन्म देते हैं। जरूरत है कि ड्राइवर सावधानी बरतें और प्रशासन भी सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाए, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।